- लव-जिहाद के आरोपी की तलाश में दो राज्यों में डेरा डाले पुलिस
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। KGMU के लव जिहाद मामले में फरार आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन नाइक पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का ईनाम रखा है। जल्द ही उसके घर की कुर्की होगी, पुलिस अफसर इसकी तैयारी में जुट गयी हैं। उसकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें दो राज्यों में डेरा डाले हुए हैं। इधर, KGMU में कथित कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच तेज कर दी गई है। जांच कमेटी में पूर्व डीजी (पुलिस महानिदेशक) भावेश कुमार सिंह को शामिल किया गया है। उन्होंने पैथोलॉजी के सभी डॉक्टरों को 1-1 कर बंद कमरे में बुलाकर सवाल-जवाब किए। दरअसल, पीड़ित महिला डॉक्टर ने अपने सीनियर डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक पर यौन शोषण, धर्मांतरण करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही केजीएमयू में उथल-पुथल मची हुई है। सीएम योगी ने भी पीड़ित से मुलाकात की थी। दोषी को सजा दिलाने का भरोसा दिया था।
पूर्व डीजी भावेश कुमार सिंह प्रकरण की जांच कमेटी में शामिल हैं। पूर्व डीजी ने जांच कमेटी सदस्यों को भी कमरे से बाहर किया
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व डीजी ने पैथोलॉजी के डॉक्टरों के बयान लिए। पहले सारे डॉक्टर एकसाथ उनके पास आए। पूर्व डीजी ने सभी को कमरे से बाहर कर दिया। इसके बाद एक-एक कर अंदर बुलाया। इस दौरान उन्होंने जांच कमेटी के सदस्यों को भी कमरे से बाहर कर दिया। कई दिनों से पैथोलॉजी के एचओडी डॉ. सुरेश बाबू भी शुक्रवार को कैंपस पहुंच गए। जांच टीम ने उन्हें तलब किया था। उनसे भी पूछताछ की गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान में पीड़िता ने एफआईआर में दर्ज कराए सारे आरोप फिर से दोहराए हैं। इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने बताया कि पीड़िता का कोर्ट में मजिस्ट्रियल बयान हो चुका है। इसके अलावा कोर्ट से आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) भी जारी कराया गया है। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है।
इससे पहले बुधवार को पीड़ित डॉक्टर अपनी मां के साथ सीएम योगी से मिली थी। योगी ने आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी का सख्त आदेश दिया। मुलाकात पूरी तरह गोपनीय रखी गई। सूत्रों की मानें तो मुलाकात के दौरान पीड़ित ने अब तक दोषी के पुलिस की गिरफ्त से दूर होने की बात कही।
