बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया: कफ़ सिरप के आरोपियों की जेल में मौज

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  • मोटा रकम वसूल कर खातिरदारी कर रहे जेल के जिम्मेदार अफ़सर
  • जेल डॉक्टर ने मोटी रकम लेकर जेल अस्पताल में दी शरण
  • मामला संज्ञान में आने पर आनन फानन में अस्पताल से हटाए गए आरोपी

लखनऊ। एक तरफ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कोडीन कफ सिरप कांड को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में जोरदार तकरार चल रही है वहीं दूसरी ओर सिरप कांड के आरोपियों को लखनऊ जेल में जमकर मेहमान नवाजी के साथ खातिरदारी की जा रही है। गिरफ्तार होकर जेल पहुंचे दो आरोपियों को जेल अस्पताल के डॉक्टर ने मोटी रकम लेकर अस्पताल में भर्ती कर लिया। मामला विभाग के आला अफसरों के संज्ञान में आते ही आनन फानन में दोनों आरोपियों को अस्पताल से हटाकर बैरेक में भेज दिया। बैरेक में भी इन बंदियों को वह सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है जिनका नियमों में कोई प्रावधान ही नहीं है। उधर परिक्षेत्र के डीआईजी ने इस गंभीर मसले पर चुप्पी साध रखी है।

मिली जानकारी के मुताबिक देश एवं प्रदेश के बहुचर्चित कोडीन कफ सिरप कांड को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। प्रदेश में इस कांड को लेकर इनदिनों सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष में घमासान मचा हुआ है। दोनों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस दौरान लखनऊ जेल में कफ सिरप कांड के आरोपियों की लखनऊ जेल में दामाद की तरह सेवा हो रही है। कोडीन कफ सिरप कांड मामले में चार अभियुक्त विभोर, विशाल, आलोक और अमित टाटा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि आलोक और अमित को जेल प्रशासन के अधिकारियों ने हाई सिक्योरिटी बैरक में भेज दिया, वहीं दूसरी ओर जेल डॉक्टर नवीन दुबे ने विभोर और विशाल से मोटी रकम लेकर उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती कर वह सुविधाएं मुहैया करा रखी जिनका नियमों में कोई प्रावधान ही नहीं है।

सूत्र बताते है कि करीब एक पखवारे तक जेल अस्पताल में दोनों आरोपी आराम फरमा रहे थे। इस दौरान जेल अस्पताल में मौज कर रहे बंदियों की भनक शासन और कारागार मुख्यालय को लग गई। सूचना मिलते ही आला अफसर हरकत में आ गए। इन्होंने लखनऊ जेल परिक्षेत्र के डीआईजी को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। मामले की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने जेल अस्पताल में बंद आरोपी विभोर और विशाल को आनन फानन में जेल अस्पताल से निकालकर बैरेक में भेज दिया। कुछ दिन बैरेक में रखने के बाद इन दोनों आरोपियों को भी जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में भेज दिया गया। उधर इस संबंध में जब लखनऊ जेल परिक्षेत्र के डीआईजी रामधनी से बात करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।

मैं आपको कोई जानकारी नहीं दे सकता: जेल डॉक्टर

कोडीन कफ सिरप के आरोपी विभोर और विशाल को मोटी रकम लेकर जेल अस्पताल में भर्ती किए जाने के बारे में जब जेल डॉक्टर नवीन दुबे से बात की गई तो पहले तो उन्होंने कहा कि आप कौन और आपका इससे क्या मतलब है। परिचय देने पर उन्होंने कहा कि मैं इस संबंध में आपको कोई जानकारी नहीं दे सकता हूं। मोटी रकम लेकर जेल अस्पताल में भर्ती किए जाने के सवाल पर उन्होंने फोन ही काट दिया। मालूम हो कि जेल डॉक्टर बंदियों से सुविधा शुल्क लेकर जेल अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है। जेल अस्पताल में बंदियों को बेड के साथ दूध,अंडा, फल इत्यादि की सुविधाए उपलब्ध कराई जाती है। डॉक्टरों ने इस सुविधा के बाकायदा दाम निर्धारित कर रखे हैं।

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