- हिम्मत हार रहे पुलिस अफसर: किसी ने घरेलू कलह तो किसी ने ठगी का शिकार होने पर दे रहे जान
- पूर्व आईपीएस अधिकारी अमर सिंह चहल ने खुद को गोली मारकर की जीवन लीला समाप्त
- बारह पन्नों के सुसाइड नोट में दर्शाया अपना दर्द, लिखा करोड़ों की ठगी होने के बाद उठाया कदम
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। देश व प्रदेश में तैनात सेवानिवृत्त या फिर वर्तमान पुलिस अधिकारी हिम्मत हार रहे हैं। कोई घरेलू कलह, विभागीय तनाव या फिर ठगी का शिकार होने पर जान दे रहे हैं। पटियाला के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमर सिंह चहल ने खुद को ठगी होने का शिकार बर्दाश्त नहीं कर पाए और अपने गनमैन के सरकारी असलहे से खुद को गोली मारकर मौत को गले लगा लिया। बताया जा रहा है कि खुदकुशी करने से पहले रिटायर्ड आईपीएस अमर सिंह चहल ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को बाहर पन्ने का सुसाइड नोट लिखा और जान देकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि पूर्व आईपीएस अधिकारी अमर सिंह चहल का सोमवार को ही जन्मदिन था और उन्होंने इसकी खबर अपने जानने वालों को भी दी थी।
बताया जा रहा है कि जिस समय उन्होंने यह कदम उठाया तो घर पर उनकी पत्नी और इकलौता बेटा घर की दूसरी मंजिल पर थे।
बताया जा रहा है कि अमर सिंह चहल ने खुदकुशी करने से पहले सुसाइड नोट में लिखा था कि डीजीपी साहब एक पुलिस अधिकारी रहने के बाद भी मैं साइबर ठगी का शिकार बन गया। दो महीने के भीतर ही उन्होंने ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के आठ से दस करोड़ रुपए गंवा दिए। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि मुझे ठगा जा रहा था, लेकिन मैं समझ नहीं पाया। यह भी लिखा था कि उधार लेकर ढाई करोड़ रुपए दिए थे, लिहाजा अब मौत ही एकमात्र रास्ता था। पुलिस सुसाइड नोट की असली तह तक जाने का प्रयास कर रही है।
