- 1300+ फ्लाइट्स कैंसल के बाद यात्रियों को राहत – लेकिन 10 फरवरी तक सामान्यीकरण!
नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइंस के संकट ने पूरे एविएशन सेक्टर को हिला दिया है। पिछले चार दिनों में 1300 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने के बाद डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने तुरंत कदम उठाया। एयरलाइंस कर्मियों के लिए वीकली रेस्ट नियम को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया। DGCA ने एक लेटर जारी कर कहा कि “लीव को वीकली रेस्ट से बदलने पर रोक” वाला क्लॉज हटा दिया गया है। यह फैसला इंडिगो की गुजारिश पर लिया गया, जो FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट) के नए नियमों से क्रू शॉर्टेज का शिकार हो रही थी।
इंडिगो ने DGCA को बताया कि नए रोस्टरिंग नियमों के कारण पायलटों की कमी हो गई, जिससे परिचालन चरमरा गया। शुक्रवार को ही 500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल हुईं। दिल्ली एयरपोर्ट से सभी घरेलू डिपार्चर मिडनाइट तक रद्द कर दिए गए। मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे और गोवा जैसे हब्स पर अफरा-तफरी मची हुई है। गोवा से 30 घरेलू उड़ानें कैंसल, पुणे में 16 अराइवल-16 डिपार्चर प्रभावित। यात्रियों की OTP (ऑन-टाइम परफॉर्मेंस) 19.7% तक गिर गई।
यात्रियों का दर्द बढ़ता जा रहा है। दिल्ली में एक पैसेंजर ने बताया, “25,000 रुपये का टिकट बुक किया, रातभर फंसे रहे, फ्लाइट कैंसल। सामान भी गायब।” मुंबई-दिल्ली रूट पर किराया 60,000 रुपये तक पहुंच गया। कई उड़ानें 12 घंटे लेट चलीं, विरोध प्रदर्शन हुए। इंडिगो ने माफी मांगी, कहा कि 8 दिसंबर तक कैंसलेशन जारी रहेंगी, लेकिन 10 फरवरी 2026 तक सामान्य हो जाएगा। रिफंड ऑटोमैटिक और 5-15 दिसंबर की बुकिंग पर फुल वेवर।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने नाराजगी जताई, हाई-लेवल प्रोब का आदेश दिया। DGCA ने पायलट यूनियनों से सहयोग मांगा। ALPA इंडिया ने छूट को असुरक्षित बताया। AAI ने अलर्ट जारी किया – फ्लाइट स्टेटस चेक करें। यह संकट इंडिगो की मोनोपॉली (60% मार्केट शेयर) और रोस्टरिंग प्लानिंग की कमजोरी उजागर करता है।
