उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नौतनवां महराजगंज! नौतनवां के बचपन स्कूल के बच्चों ने आज अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस सेलिब्रेट किया। इस अवसर पर बच्चों का परिचय दिव्यांग शब्द से कराया गया। बच्चों को अलग-अलग तरीके से दिव्यांग शब्द के बारे में विस्तार से बताया गया। बच्चों को रोल प्ले, नाटक और मूवी के द्वारा दिव्यांग शब्द के सही मायने को समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि यह कोई रोग नहीं है और न ही कोई अक्षमता है। ऐसे लोग स्पेशली ब्लेस्ड होते हैं। ये लोग भी वो सारे काम करते है जो हम सब करते है बस स्पेशल तरीके से। हम सब को इनका पूरा साथ देना चाहिए जिससे यह खुद को किसी से कम न समझें।
डायरेक्टर अंजली ने बच्चों को बताया कि हम सबको इन स्पेशल लोगों को सब कुछ स्पेशल देना चाहिए जैसे स्पेशल केयर, स्पेशल सपोर्ट, स्पेशल होल्ड, स्पेशल हेल्प आदि ऐसा करने से वो सेल्फ मोटिवेटेड और कॉन्फिडेंट रहेंगे। टीचर्स ने रोल प्ले के द्वारा बच्चों को समझाया कि इन कमियों के साथ हर काम डिफिकल्ट हो जाता है फिर हमें अपनी क्षमता बढ़ाने की जरूरत होती है और फिर हम अपने सारे काम स्वयं करने में सक्षम हो जाते हैं
समस्त विद्यालय परिवार ने स्लोगन्स के जरिये दिव्यांगों के प्यार, सम्मान, साथ और सहयोग की अपील की।
There is ability in every disability.
Disability does not mean inability.
मेरी अक्षमता में ही मेरी सच्ची क्षमता है।
इस अवसर पर बच्चों में क्षितीजा, रियान, शिवांश, वासु, रुद्रांश, त्रिपात, रवनीत, अफीफा, रेयांश, विराट, अनुज, आयुष, पाखी, दृष्टि, पियूष, सामर्थ, सक्षम, किरन प्रीत, अनाया आदि थे।
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टीचर्स में रिंकल, अंशिका, इशिता, श्रद्धा, प्रीती, मनिता, अंजली, ईशा, मोनिका, वैष्णवी और तेजस्वी थे।
डायरेक्टर अंजली ने कहा कि इस तरह के आयोजन से हम अपने बच्चों को वो सारे संस्कार देने की कोशिश करते हैं जिससे वह एक अच्छा इंसान बने और समाज का मजबूत और स्वस्थ स्तम्भ बने।
