- भारी उत्साह, नाव से नदी पर कर वोट करने जा रहे हैं मतदाता
- दूसरे चरण में भी भारी मतदान,11 बजे तक 31.38 प्रतिशत वोटिंग
- कई जगहों पर ईवीएम खराबी की शिकायतें,जमुई में देर से शुरु हुई वोटिंग
नया लुक डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान तय करेगा कि बिहार का ताज किसके सिर सजेगा। दूसरे चरण के लिए वोटिंग सुबह 7 बजे से शुरू हो चुकी हैं। दें सुबह 7 बजे से लेकर 11बजे तक का वोटिंग परसेंटेज सामने आ चुका है। इसके मुताबिक सवेरे 11 बजे तक 31.38 प्रतिशत वोट पड़ चुके हैं। पहले चरण की तुलना में ये वोटिंग प्रतिशत थोड़ा ज्यादा है। पश्चिमी चंपारण की नौतन विधानसभा में नदी किनारे बसे गांव के लोग अपना वोट डालने नाव से नदी पार करके आ रहे हैं। महिलाएं चढ़कर मतदान कर रही हैं।

पहले चरण में छप्पर-फाड़ वोटिंग ने एक नया और बड़ा ट्विस्ट पैदा किया है। राजनैतिक विश्लेषकों के लिए भी ये अंदाजा लगाना मुश्किल है कि किसकी जीत होगी और किसकी शिकस्त। आज दूसरे और आखिरी फेज में 20 जिलों की 122 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। वोटरों में बहद उत्साह देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर ईवीएम में खराबी की शिकायतें भी मिलना शुरु हो गयी हैं। जमुई के एक पोलिंग केन्द्र पर ईवीएम खराबी की वजह से मतदान चार घंटे बाद शुरु हुआ। दूसरे चरण में 82 सीटें बेहद निर्णायक हैं यानी मगध से जो भी दल बाजी मारेगा, बिहार की सत्ता उसी के नाम हो जाएगी।
ये भी पढ़े
21वीं सदी में कई बार दहली दिल्ली, करीब 150 मौतें और हजारों घायल
2020 में NDA ने 122 में से 66 सीटों पर जीत हासिल किया। महागठबंधन को सिर्फ 56 यानी 46 प्रतिशत सीटें मिली। 2015 चुनाव में जदयू, महागठबंधन का हिस्सा थी पर उसने सियासी पलटी मारी और वह एनडीए में शामिल हो गई। उसे 68 सीटों पर जीत मिली जबकि महागठबंधन को 54 सीटें मिलीं। 2015 में नीतीश कुमार राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे।2010 चुनाव में NDA को 104 सीटें मिली थी। महागठबंधन को सिर्फ 11 सीटें मिली थी। उस चुनाव में कांग्रेस अकेले लड़ी थी।

चंपारण में वैश्य, कोइरी, EBC और थारू जनजाति अहम फैक्टर हैं। यहां मल्लाह/सहनी ज्यादा असर रखते हैं। फॉरवर्ड और यादव वोटर भी हैं, लेकिन दोनों हर बार की तरह अपने अपने गठबंधन के साथ एकजुट रहते हैं। चंपारण को साधने के लिए महागठबंधन लगातार काम कर रहा है। इस बार उसने मल्लाह/सहनी समाज से आने वाले मुकेश सहनी की पार्टी से गठबंधन किया है। साथ ही थारू जनजाति को साधने के लिए प्रियंका गांधी ने बेतिया के इलाके में कैंपेन किया है। उनको थारू जनजाति का लोकनृत्य करते हुए भी देखा गया है।
ये भी पढ़े
वहीं मगध भी महागठबंधन और एनडीए दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण गढ़ बन चुका है। मगध में पटना, जहानाबाद, गया, औरंगाबाद, अरवल, नवादा, शेखपुरा और नालंदा जिले आते हैं। इसमें से 3 जिलों पटना, नालंदा और शेखपुरा में 6 नवंबर को मतदान हो चुका है। बाकी के5 जिलों की 26 विधानसभा सीटों पर आज वोटिंग हो रही है। माले के साथ आने से पिछले विधानसभा चुनाव में यहां महागठबंधन ने बढ़िया प्रदर्शन किया था। उसने 26 में से 20 सीटों पर विजय हासिल की जबकि NDA सिर्फ 6 सीटों पर सिमट कर रह गयी।
