मनीष गुप्ता
लखनऊ। अयोध्या दीपोत्सव में योगी सरकार के दोनों डिप्टी CM केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल नहीं होंगे। दोनों ने अपना अयोध्या दौरा कैंसिल कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या दीपोत्सव के विज्ञापन में दोनों डिप्टी CM का नाम नहीं छपा। इससे दोनों डिप्टी CM नाराज हो गए। दोनों ने इसकी जानकारी पार्टी के प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व को भी दे दी है। इसके अलावा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी अपना अयोध्या दौरा कैंसिल कर दिया। बताया जा रहा है कि उनका भी न तो विज्ञापन में नाम छपा था और न ही भूमिका तय थी। ऐसे में CM योगी अकेले ही अयोध्या पहुंचे। दीपावली पर इस घटनाक्रम ने योगी सरकार की गुटबाजी और खींचतान को सामने ला दिया है।

ये भी पढ़े
UFF! ये नशा, आशिक संग रंगरेलियां मनाते पकड़ी गई बीवी, जानिए क्या होगा तब…
गौरतलब है कि अयोध्या दीपोत्सव के लिए यूपी सरकार की ओर से शनिवार को सभी अखबारों में विज्ञापन जारी किया गया। इसमें पीएम मोदी और CM योगी की फोटो छपी हैं। इसके अलावा कृषि मंत्री एवं अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का नाम भी छपा है। विज्ञापन को लेकर मचे बवाल के बाद लखनऊ में सूचना विभाग के अफसरों ने तर्क दिया। कहा कि सूर्यप्रताप शाही अयोध्या के प्रभारी मंत्री हैं। इसलिए उनका नाम छपा है। जबकि कार्यक्रम का नोडल विभाग संस्कृति विभाग है, इसलिए जयवीर सिंह का नाम छपा है।

सूत्रों ने बताया कि उन्होंने तीनों के नाम न होने की जानकारी शीर्ष अधिकारियों को दी थी। हालांकि, उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अखिलेश का तंज-अबकी बार, डिप्टी CM बाहर इस मामले पर अखिलेश यादव ने भी तंज कसा। उन्होंने X पर एक के बाद एक दो पोस्ट किए। पहले लिखा जनता पूछ रही है कि यूपी भाजपा सरकार में ‘उप-मुख्यमंत्री’ के दोनों पद समाप्त कर दिए गए हैं क्या? विज्ञापन में कनिष्ठ मंत्रियों के नाम तो दिख रहे, लेकिन डिप्टी CM साहब लोगों के नहीं। कहीं यहां भी ‘हाता नहीं भाता’ या ‘प्रभुत्ववादी सोच’ तो हावी नहीं हो गई। अबकी बार, डिप्टी CM बाहर! भाजपा में डबल इंजन ही नहीं, इंजन से डबल डिब्बे भी टकरा रहे हैं।

बिहार से आए केशव मौर्य, लखनऊ में ही रुके रहे गौरतलब है कि डिप्टी CM केशव मौर्य बिहार चुनाव में सहप्रभारी बनाए गए हैं। वह अयोध्या जाने के लिए लखनऊ पहुंच गए थे, लेकिन ऐनवक्त पर उन्होंने वहां जाने का कार्यक्रम कैंसिल कर दिया। उन्होंने घर पर ही लोगों से मुलाकात की। वहीं ब्रजेश पाठक रविवार सुबह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ रहे। इसके बाद वह अपने घर पर लोगों से मुलाकात की। 2022 में भी केशव मौर्य अयोध्या नहीं गए थे इससे पहले भी केशव मौर्य 2022 के दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। उस समय CM ऑफिस की ओर से केशव को CM के सलाहकार अवनीश अवस्थी को हेलिकॉप्टर में साथ ले जाने के लिए कहा गया था। अवनीश अवस्थी केशव के घर भी पहुंचे थे, लेकिन केशव ने अयोध्या दौरा रद्द कर दिया था।
सूत्रों के मुताबिक, केशव ने डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के जरिए CM को संदेश भी भेज दिया था कि उन्हें सिराथू से चुनाव हराने में अवनीश अवस्थी की भी भूमिका है। इसलिए वह अवनीश के साथ हेलिकॉप्टर में नहीं जाएंगे। दोनों डिप्टी CM लगातार नाराज चल रहे, भाजपा के एक शीर्ष पदाधिकारी ने बताया कि दोनों डिप्टी CM सरकार से नाराज चल रहे हैं। सरकार की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में दोनों डिप्टी CM को अक्सर नहीं बुलाया जाता। जबकि संसदीय कार्य और वित्तमंत्री सुरेश खन्ना और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह अक्सर CM के साथ मंच साझा करते हैं।

2017 में डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य की ओर से एनेक्सी में पंचम तल पर अपनी नेम प्लेट लगाई गई थी। CM योगी के निर्देश पर नेम प्लेट हटाकर केशव को सचिवालय में कक्ष आवंटित किया गया था। तब पहली बार दोनों में टकराव सामने आया था। सूत्रों के मुताबिक, 2022 में योगी मंत्रिमंडल गठन के समय CM योगी तत्कालीन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को डिप्टी CM बनाने के पक्ष में थे। जबकि, पार्टी नेतृत्व केशव प्रसाद मौर्य को ही फिर मौका देना चाहते थे। बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को लखनऊ में देशभर के कोऑर्डिनेटर के साथ बैठक की। करीब दो घंटे चली बैठक में फोकस संगठन को मजबूत करने पर रहा। बैठक में यूपी-उत्तराखंड को छोड़कर देशभर से करीब 430 कोऑर्डिनेटर आए। इनमें तीन महिलाएं भी थीं। इस दौरान मायावती ने हर स्तर पर संगठन को मजबूत करने को कहा। पूरी खबर पढ़िए
