बरेली दंगा यानी मौलाना तौकीर का भड़काऊ एजेंडा, योगी की पुलिस ने डाल दिया डंडा

शेखर पंडित
शेखर पंडित
  • CCTV, वीडियोग्राफी से चेहरे तलाश रही पुलिस, सख्त सजा का ऐलान
  • नेपाल कांड के बाद देश को अस्थिर करने की कोशिश में जुटे हैं कुछ अराजक तत्व

कुछ दिनों पहले की बात है। नेपाल में कुछ लोगों ने चंद घंटों में ही तख्ता पलट कर दिया। राजनीति के जानकारों ने तभी यह अंदेशा लगाना शुरू कर दिया था कि इसका असर भारत और भारतीय राजनीति पर देखने को मिल सकता है। वहीं हुआ भी। दो दिन पहले लद्दाख में कुछ अराजक तत्वों ने सिर उठाया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दफ्तर समेत कई सरकारी जगहों को निशाना बनाया। अभी यह मुद्दा शांत भी नहीं हो पाया था कि उत्तर प्रदेश का बरेली जिला धू-धू कर जल उठा। यहां नमाज पढ़ने आए लोगों में मोहम्मद साहब का इतना प्यार उमड़ा कि वो ‘आई लव मुहम्मद’ कहकर पत्थरबाजी करने लगे। बताते चलें कि शुक्रवार को मुसलमान जुमा कहते हैं। रवायत है कि इस दिन इकठ्ठा होकर नमाज पढ़ी जाए। सवाल उठता है कि वो कौन लोग हैं जो देश-प्रदेश की शांति व्यवस्था भंग करना चाह रहे हैं।

प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार अशोक राजपुत की मानें तो योगी सरकार से जलन रखने वाले लोगों की शह पर मुसलमानों ने इस तरह का कृत्य किया है। लेकिन ये लोग भूल गए कि यूपी में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। एक-एक प्रदर्शनकारियों को चिह्नित किया जाएगा और उन्हें उसकी सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह कहते हैं कि यह शांति व्यवस्था बिगाड़ने के लिए एक सोची समझी साजिश है। कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। जान-बूझकर शांति व्यवस्था को खराब करने वाली साजिश रचने का काम कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार और प्रदेश प्रवक्ता आलोक वर्मा कहते हैं कि पोस्टर विवाद के जरिए विपक्षी पार्टियां वोटों का ध्रुवीकरण करना चाह रही हैं। सपा के पूर्व मंत्री आजम खां अभी जेल से छूटे हैं और मुसलमानों ने पोस्टर लेकर विवाद करना शुरू कर दिया। ‘आई लव मोहम्मद’ लिखकर लोगों को एकजुट करने की कोशिश की जा रही है। मौलाना तौकीर ने जान-समझकर यह एजेंडा तय किया है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि योगी सरकार ऐसे अराजक तत्वों को डंडा करना जानती है।

अब एक नजर खबरों पर डाल लेते हैं। जुमे के दिन मौलाना तौकीर रजा ने ऐलान किया कि वो प्रदर्शन करेंगे। पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। अप्रिय घटना की आशंका के चलते शहर में फ्लैग मार्च किया गया। चप्पे-चप्पे पर जवान भी तैनात कर दिए गए। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही थी। इतना होने के बाद भी हंगामा हो गया। कुछ लोगों ने इस्लामिया मैदान में जाने की जिद की, उन्हें पुलिस ने रोका। वो नहीं माने नारेबाजी कर दी। बस यहीं से अराजक तत्वों ने खेल शुरू कर दिया। कुछ देर में पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। भगदड़ मची।

बात वहीं रुक जाती तो लगता कि कुछ अराजक तत्वों ने उन्माद फैलाने की कोशिश की। लेकिन बात यहां आकर रुकी नहीं। बाराबंकी में भी ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर बिजली के खंभों पर लटके मिले। यह घटना जिले के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के सदरुद्दीनपुर कस्बे में हुई। हालांकि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पोस्टर हटवा दिया और जांच शुरू कर दी। तभी खबर आई कि कासगंज जिले के कोतवाली गंजडुंडवारा क्षेत्र में भी ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर चस्पा हो गए हैं। पुलिस प्रशासन ने पोस्टर हटवा दिया तो मुस्लिम समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। महिला, बच्चे और युवक सभी सड़कों पर उतर आए। भारी संख्या में भीड़ देख डीएम-एसपी समेत पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और मामले को शांत कराया।

पश्चिम में यह आग धधक ही रही थी कि पूरब के चंदौली जिले के मुगलसराय स्थित कूड़ा बाजार पुलिस चौकी के सामने मुस्लिम बहुल इलाके में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा हुआ एक बड़ा बैनर दिखा। बैनर लगने के बाद मौके पर भारी भीड़ भी इकट्ठा हुई। यहां की आग तुरंत मऊ जिले तक पहुंच गई। मोहम्मदाबाद गोहाना कोतवाली के बाजार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ‘आई लव मोहम्मद’ से जुड़ा जुलूस निकाला। वहां भी लोगों को पुलिस ने खदेड़ा और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
बरेली में हुए बवाल के बाद आईजी अजय साहनी ने बताया कि अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बलवा जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। अवैध हथियारों से हुई फायरिंग में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नमाज के बाद कुछ बाहर के लोग आए, जिन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के बाद इन लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। उपद्रवियों की तस्वीरें और वीडियो बनाए गए हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कि बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर हुए दंगे में बलवाइयों के फायरिंग और पथराव से 10 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कई पुलिसकर्मियों को छर्रे लगे हैं। पुलिस ने कई हथियार भी बरामद किए हैं। वहीं बरेली के डीएम अविनाश सिंह के अनुसार स्थिति अब सामान्य और नियंत्रण में है। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। हम लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण ने कहा है कि कोई भी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन बिना अनुमति के नहीं होना चाहिए। भारत में धार्मिक स्वतंत्रता है, लेकिन जुलूस, शोभायात्रा या पंडाल से जुड़े सभी कार्यक्रम अनुमति लेने के बाद ही होते हैं। अगर कोई व्यक्ति या संगठन नियमों के विपरीत आयोजन करेगा तो कानून उसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगा। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने वाराणसी में ‘I Love मोहम्मद’ पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें पूरी तरह से सरकार का हाथ है और यह सब जान-बूझकर कराया जा रहा है। अपने भगवान से प्यार करना हर किसी का हक है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

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