
- रनवे से टेकऑफ नहीं कर पाया खराब विमान
- पर्याप्त थ्रस्ट न मिलने के कारण रनवे के आखिरी कोने में कैप्टन ने रोकी फ्लाइट, 151 बचे
- लखनऊ से दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट एक बार हादसे से बची
आशीष द्विवेदी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में आज सुबह एक बड़ा हादसा होने से बच गया, जब इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट को टेकऑफ से पहले रोका गया। यह घटना उस समय घटी जब विमान, जो कि लखनऊ से दिल्ली की ओर उड़ान भरने वाला था, अपने इंजन से अपेक्षित थ्रस्ट यानि दबाव नहीं मिला। जिसे देखते हुए पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोकने का निर्णय लिया, जिससे एक संभावित दुर्घटना टल गई। हादसा लखनऊ से दिल्ली जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E2111 के साथ हुआ। उड़ान भरने से ठीक पहले तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। विमान में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी और समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव समेत कुल 151 यात्री सवार थे। सूत्रों का कहना है कि विमान रनवे पर पूरी रफ्तार से दौड़ रहा था, लेकिन पर्याप्त प्रेशर (थ्रस्ट) न मिलने के कारण टेकऑफ नहीं हो पाया और कप्तान ने समझदारी दिखाते हुए विमान को रनवे पर ही रोक दिया। सूत्रों के अनुसार यह फ्लाइट सुबह 11 बजे रवाना होने वाली थी। यात्रियों ने भी झटके को महसूस किया। जानकारी के अनुसार, विमान को आवश्यक थ्रस्ट नहीं मिल रहा था, जिसकी वजह से वह हवा में उठ नहीं सका। इस घटना के बाद प्लेन में आई तकनीकी गड़बड़ी की जांच की गई, उसके बाद टेक्निकल फॉल्ट बताकर फ्लाइट 6E 2111 के सभी यात्रियों को दूसरी फ्लाइट में शिफ्ट किया गया।

आज से ठीक तीन महीने पहले 12 जून को गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में इतना भीषण हादसा हुआ कि पूरी दुनिया दहल गई थी। उसके बाद भारत में कई विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग भी हुई। 15 जून को चेन्नई जा रहा ब्रिटिश एयरवेज का बोइंग ड्रीम लाइनर विमान की भी इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी। उसके ठीक अगले दिन यानी 16 जून को हैदराबाद आ रही फ्लाइट फ्रैंकफर्ट हवाईअड्डे पर आनन-फानन में उतारनी पड़ी। फिर उसके अगले दिन यानी 17 जून को अमेरिका के सेंट फ्रांसिस्को से मुम्बई आ रहा विमान उड़ान नहीं भर पाया था। वहीं तीन दिन पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से उड़े विमान की इमरजेंसी लैंडिंग मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में करानी पड़ी। हालांकि इन चार घटनाओं में किसी भी यात्री के हताहत या मौत की खबर नहीं मिली।
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यात्रियों ने बताया कि पूरे विमान में अचानक सनसनी और दहशत फैल गई थी। उस समय हर कोई डरा हुआ था, लेकिन क्रू मेंबर्स ने बड़े ही आसान रूप से सभी को शांत रखा और सभी को सुरक्षित विमान से उतारा गया। यात्रियों ने कहा कि कप्तान ने सूझबूझ से उचित निर्णय लिया और विमान को नियंत्रित किया, वह बेहद सराहनीय है। उनकी बहादुरी ने 151 जिंदगियां बचा लीं। गौरतलब है कि उस क्राफ्ट में समाजवादी सांसद डिम्पल यादव भी इस फ्लाइट में थीं। उनके साथ सपा नेता और पूर्व मंत्री पंडित सिंह के भतीजे सूरज सिंह भी मौजूद थे। बकौल सूरज, उस वक्त उन्हें लगा कि अब कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन कप्तान की बहादुरी ने सभी को सुरक्षित बचा लिया। इंडिगो एयरलाइंस ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कप्तान की त्वरित कार्रवाई की वजह से कोई अनहोनी नहीं हुई। यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट्स उपलब्ध कराई जा रही हैं और चाहने वालों को पूर्ण रिफंड का विकल्प भी दिया जा रहा है।
DGCA ने शुरू की जांच
विमान उड्डयन महानिदेशक (DGCA) ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि विमान के इंजन या अन्य तकनीकी हिस्से में खराबी आने की संभावना है। DGCA इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह तकनीकी फॉल्ट कैसे हुआ और इसमें किसकी जिम्मेदारी बनती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने रनवे का निरीक्षण किया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी प्रक्रियाओं को फॉलो किया गया।
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एविएशन सुरक्षा पर फिर से उठने लगे सवाल
दुनिया की सबसे सुरक्षित यात्रा मानी जाने वाली हवाई यात्रा अब संकट के दौर से गुजर रही है। पिछले तीन महीनों के अंदर करीब एक दर्जन विमानों की या तो इमरजेंसी लैंडिंग हुई या फिर उसे टेक-ऑफ में परेशानी मिली। इस तरह के घटना की पुनरावृत्ति एक बार फिर विमानन क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन तकनीकी मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। लखनऊ एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट 6E2111 के साथ हुई यह घटना यात्रियों के लिए किसी डरावने अनुभव से कम नहीं थी। वो भी तब जब फ्लाइट में डिंपल यादव जैसी वीआईपी यात्री मौजूद थे। हालांकि सभी 151 लोग सुरक्षित बच गए, यह कैप्टन और उनकी टीम की सतर्कता का ही परिणाम है। फिलहाल DGCA जांच कर रहा है और उम्मीद है कि इसके बाद एयरलाइंस इस तरह की तकनीकी गड़बड़ियों पर और कड़ा नियंत्रण रखेगी।

