- तालाब में मिली मासूम की लाश
- आठ साल के बच्चे के चेहरे पर चोट के निशान, हत्या कर शव फेंकें जाने की आंशका
- पुलिस की पुरानी थ्योरी डूबकर हुई मौत
- गुडंबा के सादामऊ गांव में वारदात से सनसनी
- पुलिस का दावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगी मौत की वजह
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। अपने जिस लापता मासूम बेटे की शिकायत लेकर थाने पहुंचे पिता को पुलिस ने टरका दिया था, लेकिन काफी जद्दोजहद के बाद गुमशुदगी दर्ज की और हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। उसी मासूम की लाश बुधवार सुबह गांव के बाहर स्थित तालाब में उतराता मिला। उसके चेहरे पर जिस तरह से घाव के निशान हैं, इससे यही लग रहा है कि आठ साल के वीरू रावत को बेखौफ दरिंदों ने बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद उसका शव तालाब में फेंक दिया। बच्चे के माथे पर, होंठ पर और आंख पर चोट के निशान मिले हैं। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि मौत कैसे हुई है।
गुडंबा क्षेत्र के सादामऊ गांव में इस घटना से सनसनी फ़ैल गई है। बेटे की दशा देख घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। गुडंबा थाना क्षेत्र स्थित सादामऊ गांव निवासी बबलू परिवार के साथ रहते हैं। उनका आठ वर्षीय बेटा वीरू मंगलवार को खेलने के लिए घर से निकला, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। मासूम बेटे वीरू को घर न पहुंचने पर बबलू काफी खोजबीन की, सफलता न मिलने पर इसकी शिकायत गुडंबा थाने में दी। पुलिस ने उसे खोजबीन के बहाने टरकाते हुए कहा बाद में आइए। बुधवार सुबह किसी ने बबलू को बताया कि उनके बेटे का शव गांव के बाहर स्थित तालाब में पड़ा है। यह सुनते ही मानो घरवालों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और भागकर मौके पर पहुंचे। बेटे की दशा देख घरवाले बेसुध हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस तालाब से बच्चे का शव निकलवाकर अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं पुलिस का दावा है कि मंगलवार शाम पीड़ित बबलू की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस भले ही तरह-तरह की बयानबाजी करने में जुटी हुई है, लेकिन कड़वा सच यह है कि बच्चे के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान साफ बयां कर रहे हैं कि उसकी किसी ने बेरहमी से हत्या कर शव को तालाब में फेंक कर भाग निकला। पुलिस के मुताबिक मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
