जहरीली शराब पीने से अब तक सात लोगों की मौत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जहरीली महुआ शराब पीने से सरपंच के भाई समेत अब तक सात लोगों की मौत हो गई। जबकि चार की हालत गंभीर है, जिनका सिम्स में इलाज जारी है। हालांकि मौत की असल वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी। घटना कोनी थाना क्षेत्र के लोफन्दी की है। मौतों की शुरुवात बुधवार को हुई पहले एक की मौत हुई, फिर दो लोगों की जान गई, तब बीमारी समझकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। फिर बीती शुक्रवार की रात एक साथ चार लोगों की मौत हुई, तब कई दिनों से महुआ शराब पीने की सूचना मिली। मरने वाले सभी एक ही गांव के रहने वाले थे।

जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों में सरपंच रामाधार सुनहले का भाई रामू सुनहले भी शामिल है। पुलिस और अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि, पिछले 8-10 साल से गांव में महुआ शराब की बिक्री हो रही है। आबकारी और पुलिस की टीम आती है, लेकिन मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है। शिकायत के बाद कभी-कभी दिखावे की कार्रवाई की जाती है। यही वजह है कि अवैध शराब की बिक्री जारी है। घटनास्थल पर टीआई नवीन देवांगन और एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने कहा कि, मामले में जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। (वार्ता)

Chhattisgarh Crime News

छत्तीसगढ़ में प्रेमिका ने प्रेमी के घर फांसी लगाकर की आत्महत्या

बिलासपुर/छत्तीसगढ़। शादी से इनकार और मानसिक दबाव के चलते एक युवती ने अपने प्रेमी के घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना मस्तूरी थाना के मल्हार चौकी क्षेत्र की है। पुलिस ने युवती के प्रेमी राजू लहरिया (33) के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार […]

Read More
Chhattisgarh homeslider

IPS मल्लिका बनर्जी: रियल लाइफ मर्दानी

जिसने भेष बदलकर 10 हज़ार से ज्यादा बच्चों की तस्करी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, रंजन कुमार सिंह यह कहानी सुर्खियों से नहीं, एक पुलिस अफ़सर की चुप की बेचैनी से शुरू होती है। छत्तीसगढ़ में तैनात युवा IPS अफ़सर मल्लिका बनर्जी बार-बार वही सच देख रही थीं, बच्चे लापता, FIR दर्ज, परिवार इंतज़ार में और […]

Read More
Chhattisgarh homeslider

शहीद शिरोमणि के 201वें शहादत दिवस पर विशेष

छत्तीसगढ़ के शहीद शिरोमणि को भूला दिया है समाज ने 201 साल पहले 20 जनवरी 1825 को दी गई थी फांसी उनके 200वीं पुण्यतिथि पर कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हेमंत कश्यप जगदलपुर । इन दिनों आदिवासी संस्कृति संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरे बस्तर में बस्तर पंडुम मनाया जा रहा है, लेकिन 200 साल पहले […]

Read More