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अधि, अधिक, अधिपति, आत्मा और अध्यात्म : भाषा की पाठशाला
व्याकरण की दृष्टि से ‘अध्यात्म’ शब्द बना है— अधि + आत्मन् से। इस शब्द को समझने के लिए पहले ‘अधि’ उपसर्ग को समझना आवश्यक है। संस्कृत में ‘अधि’ एक महत्त्वपूर्ण उपसर्ग है। कोशों में इसके अर्थ बताए गए हैं-ऊर्ध्व, ऊपर, पर, अधिक, प्रधान, स्वामी, किसी वस्तु के ऊपर स्थित या उसके संबंध में। विदित है […]
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बरसों बाद सुप्रीम चिंता, पंच परमेश्वर पढ़ लीजिए जज साहब…
एससी-एसटी के झूठे मुकदमों पर सख्ती की जरूरत, न्याय व्यवस्था में भरोसा कैसे बचे? उन पांच करोड़ लोगों की सामाजिक-आर्थिक हानि का जिम्मेदार कौन? सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट या सिविल कोर्ट के न्यायाधीश महोदय को मशहूर साहित्यकार प्रेमचंद की कहानी ‘पंच परमेश्वर’ जरूर पढ़नी चाहिए। उस कहानी में यह शिक्षा दी गई है कि पंच के […]
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हे शिव! स्वीकार करो मेरा आराधन
चिदानन्द रूपः शिवोऽहम्॥ आज मैं संगम की स्मृति से पुलकित हूँ। यद्यपि यह शरीर संगम-क्षेत्र में नहीं है, पर मेरी चेतना मानसी गंगा में अवगाहन कर रही है। मुझे मौन-स्नान करने दो। आत्मा ही शिव है, जिनकी जटाजूट में श्रीविष्णु के चरणों से प्रकट मकरवाहिनी गंगा समाहित है। ये भी पढ़े माघ पूर्णिमा व्रत आज: […]
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