
शाश्वत तिवारी
Abu Dhabi: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 14 से 16 अक्टूबर तक संयुक्त अरब अमीरात की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान वे द्विपक्षीय संबंधों, वैश्विक घटनाक्रमों और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के मुद्दों पर यूएई के नेतृत्व के साथ चर्चा कर रहे हैं। अबू धाबी पहुंचने पर, यूएई की मंत्री रीम अल हाशमी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद, उन्होंने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ ‘रायसीना डायलॉग मिडिल ईस्ट’ सत्र में हिस्सा लिया।
‘द वर्ल्ड अहेड: पावर, पर्पस एंड पॉसिबिलिटी’ (भविष्य की दुनिया: शक्ति, उद्देश्य और संभावनाएं) शीर्षक वाले इस सत्र में वैश्विक व्यवस्था में हो रहे बदलावों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों पर उनके प्रभावों पर चर्चा की गई ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, डॉ. जयशंकर ने बताया कि कैसे विभिन्न देश दीर्घकालिक रुझानों और तत्काल भू राजनीतिक घटनाक्रमों का जवाब देने के लिए नई साझेदारियां तलाश रहे हैं और पारंपरिक रणनीतिक गठबंधनों से आगे बढ़ रहे हैं।
ये भी पढें
महराजगंज में सीधी बुवाई से प्रति हेक्टेयर हुआ 95.70 क्विंटल धान की उपज
उन्होंने बहुपक्षीय सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मजबूत ‘मिनीलेटरल’ (सीमित देशों वाली) साझेदारियां इस प्रक्रिया में मददगार हो सकती हैं। उन्होंने बदलते वैश्विक माहौल के अनुरूप खुद को ढालने के उदाहरण के तौर पर पिछले एक दशक में भारत-यूएई साझेदारी का भी जिक्र किया।

ये भी पढें
इस चर्चा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “वैश्वीकरण को पलटा नहीं जा सकता, लेकिन इसे अधिक लचीलेपन के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।” ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे’ (IMEC) का जिक्र करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह पहले से ही कनेक्टिविटी को लेकर क्षेत्रीय सोच को आकार दे रहा है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जैसे जैसे देश नए व्यापार मार्गों और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रास्तों की ओर बढ़ रहे हैं, भारत अपनी घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने और भरोसेमंद साझेदारियां बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह यात्रा वैश्विक अनिश्चितताओं का सामना करने, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए नए रास्ते तलाशने में भारत यूएई सहयोग की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
यूपी में खुली मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ लिखना अनिवार्य
लंका दहन के बाद रावण को पता चला हनुमान जी का रुद्रावतार रहस्य
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने DGP तदाशा मिश्रा के खिलाफ खोला मोर्चा


2 thoughts on “जयशंकर का यूएई दौरा: रणनीतिक साझेदारी, बदलती वैश्विक कनेक्टिविटी पर जोर”
Comments are closed.