
शाश्वत तिवारी
New Delhi: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026’ में वैश्विक भू-राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और भारत की कूटनीतिक रणनीतियों पर खुलकर बात की। वैश्विक नेताओं और विचारकों के इस बड़े जमावड़े के दौरान डॉ. जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रड और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ एक विशेष पैनल चर्चा में हिस्सा लिया।
अनीता आनंद
इसके अतिरिक्त, उन्होंने ब्लूमबर्ग के एडिटर-इन-चीफ जॉन मिकलेथवेट के साथ एक विशेष साक्षात्कार में वैश्विक स्तर पर उभरती चुनौतियों और भारत के पड़ोसियों के साथ जारी कूटनीतिक संबंधों पर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।
ये भी पढें
मिकलेथवेट के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने भारत-चीन सीमा विवाद पर भारत के रुख को एक बार फिर पूरी स्पष्टता के साथ दुनिया के सामने रखा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जब तक शांति और सुकून बहाल नहीं हो जाता, तब तक चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों का सामान्य होना बेहद मुश्किल है।

ऋषि सुनक
विदेश मंत्री ने बताया कि दोनों देश लंबे समय से चले आ रहे इस सीमा गतिरोध को सुलझाने के लिए अलग-अलग स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने सकारात्मक कूटनीति का संकेत देते हुए यह भी कहा कि दोनों पक्ष फिलहाल क्रमिक (इंक्रीमेंटल) प्रगति की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं, ताकि चरणबद्ध तरीके से तनाव को कम किया जा सके।

ये भी पढें
नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
विदेश मंत्री के अनुसार बदलती वैश्विक व्यवस्था में प्रतिस्पर्धा इस बात पर निर्भर करेगी कि कौन सा देश वैश्विक मंच पर क्या सहयोग दे सकता है। भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और मजबूत आर्थिक नींव के साथ ग्लोबल ऑर्डर को आकार देने में लगातार एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा जून 2025 के बाद से मंत्री आनंद की यह तीसरी भारत यात्रा है, जो भारत-कनाडा संबंधों में लगातार उच्च-स्तरीय जुड़ाव और सकारात्मक गति को दर्शाती है। यह यात्रा दोनों पक्षों को हाल की प्रगति को आगे बढ़ाने और हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।
रणधीर जायसवाल
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
सोनू त्यागी ने द सनी शाह शो में बॉलीवुड और अध्यात्म पर की बात
भारत-आसियान रक्षा सहयोग बढ़ाएंगे: राजनाथ सिंह


2 thoughts on “‘मिडल पावर’ नहीं, ‘पावर इन द मिडल’ है भारत”
Comments are closed.