‘मिडल पावर’ नहीं, ‘पावर इन द मिडल’ है भारत

Untitled 15 copy

शाश्वत तिवारी

New Delhi: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026’ में वैश्विक भू-राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और भारत की कूटनीतिक रणनीतियों पर खुलकर बात की। वैश्विक नेताओं और विचारकों के इस बड़े जमावड़े के दौरान डॉ. जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रड और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ एक विशेष पैनल चर्चा में हिस्सा लिया।

The Honourable Anita Anand – Canadian Club Toronto

अनीता आनंद

इसके अतिरिक्त, उन्होंने ब्लूमबर्ग के एडिटर-इन-चीफ जॉन मिकलेथवेट के साथ एक विशेष साक्षात्कार में वैश्विक स्तर पर उभरती चुनौतियों और भारत के पड़ोसियों के साथ जारी कूटनीतिक संबंधों पर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।

ये भी पढें

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती कल, विश्व छात्र दिवस भी

 

मिकलेथवेट के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने भारत-चीन सीमा विवाद पर भारत के रुख को एक बार फिर पूरी स्पष्टता के साथ दुनिया के सामने रखा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जब तक शांति और सुकून बहाल नहीं हो जाता, तब तक चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों का सामान्य होना बेहद मुश्किल है।

Rishi Sunak Joins Microsoft and Anthropic as Senior Adviser | t2ONLINE

ऋषि सुनक

विदेश मंत्री ने बताया कि दोनों देश लंबे समय से चले आ रहे इस सीमा गतिरोध को सुलझाने के लिए अलग-अलग स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने सकारात्मक कूटनीति का संकेत देते हुए यह भी कहा कि दोनों पक्ष फिलहाल क्रमिक (इंक्रीमेंटल) प्रगति की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं, ताकि चरणबद्ध तरीके से तनाव को कम किया जा सके।

 

WhatsApp Image 2026 10 14 at 3.36.51 PM
कनाडा की विदेश मंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों के साथ हुई चर्चा में डॉ. जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में भारत की वर्तमान स्थिति को एक नई परिभाषा दी। भारत को एक ‘मिडल पावर’ (मध्यम शक्ति) कहे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह परिभाषा भारत को सीमित करती है। भारत ‘मिडल पावर’ नहीं, बल्कि वास्तव में ‘पावर इन द मिडल’ (केंद्र में मौजूद शक्ति) है। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज की दुनिया सिर्फ शक्तियों की नहीं, बल्कि व्यापारिक और वित्तीय बाधाओं की दुनिया बन चुकी है, जहां प्रतिबंधों और डॉलर जैसी व्यवस्थाओं को कूटनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

ये भी पढें

नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश

विदेश मंत्री के अनुसार बदलती वैश्विक व्यवस्था में प्रतिस्पर्धा इस बात पर निर्भर करेगी कि कौन सा देश वैश्विक मंच पर क्या सहयोग दे सकता है। भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और मजबूत आर्थिक नींव के साथ ग्लोबल ऑर्डर को आकार देने में लगातार एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा जून 2025 के बाद से मंत्री आनंद की यह तीसरी भारत यात्रा है, जो भारत-कनाडा संबंधों में लगातार उच्च-स्तरीय जुड़ाव और सकारात्मक गति को दर्शाती है। यह यात्रा दोनों पक्षों को हाल की प्रगति को आगे बढ़ाने और हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

Randhir Jaiswal takes charge as spokesperson of MEA | The BuckStopper

रणधीर जायसवाल

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश

सोनू त्यागी ने द सनी शाह शो में बॉलीवुड और अध्यात्म पर की बात

भारत-आसियान रक्षा सहयोग बढ़ाएंगे: राजनाथ सिंह

 

 

2 thoughts on “‘मिडल पावर’ नहीं, ‘पावर इन द मिडल’ है भारत”

Comments are closed.

New Delhi
International

भारत-आसियान रक्षा सहयोग बढ़ाएंगे: राजनाथ सिंह

New Delhi: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत ऐसा हिंद-प्रशांत क्षेत्र चाहता है, जहां छोटे-बड़े सभी देश अपने फैसले खुद ले सकें, अपने हितों की रक्षा करें और शांति से विकास करें। उन्होंने भारत और आसियान देशों से समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक, साइबर खतरों और आपदा प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने का आह्वान […]

Read More
Moscow
International

पुतिन-ट्रंप वार्ता पर रयाबकोव का बड़ा बयान, तनाव बढ़ाने वालों को हुआ आश्चर्य

Moscow: रूस और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय बातचीत को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के नतीजों ने उन लोगों को हैरान कर […]

Read More
New York
International

UN में भारत ने रखा पक्षः SDG के लिए वित्तीय व तकनीकी मदद जरूरी

शाश्वत तिवारी New York: संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने और सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को हासिल करने की दिशा में अपनी वैश्विक प्रतिबद्धता को दृढ़ता से दोहराया है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित अलग-अलग उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान भारतीय राजनयिकों ने विकासशील देशों के […]

Read More