
Moradabad: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। शहर की आशियाना कॉलोनी में रहने वाले 42 वर्षीय डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि हुई है। बताया गया कि डॉक्टर को कुछ दिन पहले तेज बुखार, जुकाम और कमजोरी की शिकायत हुई थी। इसके बाद जांच कराई गई, जिसमें स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने मरीज का उपचार शुरू कर दिया है। फिलहाल मरीज की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उनके साथ रहने वाले माता-पिता को भी एहतियात के तौर पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा दी गई है।
RTPCR जांच में संक्रमण की पुष्टि
मिली जानकारी के अनुसार, शुरुआत में डॉक्टर की स्क्रीनिंग जांच कराई गई थी। रिपोर्ट में संक्रमण की आशंका सामने आने के बाद RTPCR टेस्ट कराया गया। मंगलवार को आई रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। मरीज का इलाज कर रहे फिजीशियन के मुताबिक, लक्षण सामने आने के बाद समय पर जांच कराना जरूरी है।
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स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामलों में चिकित्सक मरीज की स्थिति के आधार पर आगे की जांच और उपचार तय करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बुखार, खांसी, जुकाम, गले में परेशानी, शरीर में दर्द या असामान्य कमजोरी जैसे लक्षण होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हर बार स्वाइन फ्लू होना नहीं है। संक्रमण की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है।
समय पर उपचार को बताया अहम
चिकित्सकों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के उपचार में एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल मरीज की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के आधार पर किया जाता है। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर जल्द चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो या जो संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हों। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने की सलाह दी गई है।
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सरकारी अस्पतालों में दवा उपलब्ध
स्वाइन फ्लू के संभावित खतरे को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था की जा रही है। जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए एंटीवायरल दवा उपलब्ध कराई गई है। दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और ड्रग स्टोर स्तर पर भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला अस्पताल की जांच सुविधा पर भी नजर
स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने के बाद जिला अस्पताल की जांच व्यवस्था भी चर्चा में है। जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की RTPCR जांच मशीन काफी समय से खराब है। इसके चलते संदिग्ध मरीजों की जांच को लेकर परेशानी सामने आ रही है। अस्पताल प्रशासन ने मशीन की मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी से संपर्क किया है। इंजीनियर को बुलाकर उपकरण ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, गंभीर लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की जांच संक्रमण की पुष्टि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ऐसे में जांच सुविधा को जल्द दुरुस्त करना जरूरी माना जा रहा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मुरादाबाद में पहला मामला सामने आने और दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच स्वास्थ्य विभाग निगरानी बढ़ा रहा है। लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी जा रही है।
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