UP के योगी, देश के लिए उपयोगी, बंगाल में हर जगह बम-बम बुल्डोजर

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राम नाम की गूंज से दहला बंगाल, सिर चढ़कर बोला योगी का नशा

 योगी के समर्थन में भीड़ का जोर, दीदी की कई सभाएं रहीं फीकीं

कोलकाता से इं. गंगेश मिश्र की लाइव रिपोर्ट…

देश के पूर्वी हिस्से में बसा है पश्चिम बंगाल। कोलकाता उसकी आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक राजधानी है। इस समय कोलकाता में उमस भरी प्रचंड गर्मी है। सूरज अपने रौद्र रूप में लोगों पर अंगारे बरसा रहा है। लोग पसीने से लथपथ हैं। तभी मंच पर UP के  CM योगी आदित्यनाथ पहुंचते हैं। जैसे ही योगी को वहां की भीड़ ने देखा। वहां उपस्थित जनता जय श्रीराम का नारा ज़ोर-जोर से लगाने लगती है। जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारे लगने लगे। तभी रैली को संबोधित करते हुए योगी कहते हैं- ‘कोलकाता का मेयर बांग्ला की जगह उर्दू लाने की बात कर रहा है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद माँ काली की धरती को काबा की धरती बनाना चाहती है।‘ इतना सुनते ही वहां की जनता का रोश पूरे उफान पर दिखता है। एक बार फिर से जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारे गूंजने लगते हैं। कुछ देर के लिए मुस्कुराते हुए योगी केवल भीड़ को अपलक निहारते हैं। फिर कहते हैं- ‘जो कहते हैं कि बंगाल में उर्दू बोली जाएगी, उनसे कह दो-उर्दू जहां बोली जाती है, वहां चले जाएं। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। TMC बांग्ला भाषा समाप्त करना चाहती है, बंगाल समाप्त करना चाहती है. इस साजिश को सफल नहीं होने देना है।’ बताते चलें कि योगी उन-उन इलाक़ों में ज़्यादा रैलियां कर रहे हैं, जहां बहुतायत हिन्दी भाषी रहते हैं।

सवाल यहीं से उठ रहे हैं। बुल्डोजर बाबा के नाम से पूरी दुनिया में ख्याति पाने वाले योगी आदित्यनाथ जैसे ही बंगाल में गरजते हैं, विपक्षियों की भृकुटि उन पर तन जाती हैं। हालांकि वह शुरू से ही विपक्षियों के निशाने पर रहते रहे हैं। लेकिन इस बार खास वजह थी। उनकी रैलियों में भीड़ ज्यादा आती है। भीड़ नारे बहुत लगाती है। बुल्डोजर बाबा के नाम से उन्हें पुकारती है और ‘देखो-देखो कौन आया-माफिया का दुश्मन आया’, जैसे नारे गढ़ती है। यही विपक्षियों को अखरता है। इसे पचाने में उन्हें समय लग रहा है। गौरतलब है कि यूपी के सीएम योगी दो दिन पहले उत्तरी कोलकाता के जोड़ासांको विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैली को संबोधित करने गए थे। वहां देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि योगी बंगाल में आए हैं। ऐसा महसूस हुआ कि यह यूपी-बिहार की चुनावी रैली में है। योगी जैसे ही मंच पर पहुँचे, यहाँ से बीजेपी के उम्मीदवार विजय ओझा ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया। योगी के समर्थक अपने हाथों में बुलडोज़र की तस्वीरें लिए मंच के पास खड़े थे। उत्तर प्रदेश से बाहर भी उनकी बुल्डोजर बाबा वाली छवि लोगों के बीच ‘बम-बम’ कर रही है। बताते चलें कि बंगाल की जोड़ासांकों विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में हिन्दी भाषी हैं और रैली में आए ज़्यादातर लोग हिन्दी भाषी ही थे। बावजूद इसके वहां BJP कभी जीत नहीं पाई है।

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वहां उपस्थित एक शख्स से योगी के बारे में पूछने पर जो जवाब मिला वह बड़ा ही चौंकाने वाला था। योगी को बंगाल का मुख्यमंत्री होना चाहिए। उनके होने से हम हिंदू बच जाएंगे, नहीं तो हमारा गुजारा मुश्किल है। क्या आप सरकार से खुश है? के जवाब में वो कहते हैं कि ममता दीदी की सरकार से हम बहुत ख़ुश नहीं हैं। TMC के लोगों की दादागिरी बहुत बढ़ी है। उसने जो बताया, वो वहां की सरकार का चेहरा दिखाने के लिए काफी था। कहा- ‘मैंने अपने घर में काम कराने के लिए सीमेंट, बालू और कंक्रीट मंगवाया। अगले दिन TMC के गुंडे पहुंच गए और पूछने लगे कि किस दुकान से लिए हो। सामान उनकी चहेती दुकान से नहीं लिया था। ऐसे में मुझे उन्हें पैसे देने पड़े।’ यहाँ कोई भी नया कारोबार करना असंभव है। यहां मुद्दा हिंदू बनाम मुसलमान का नहीं है। योगी अगर इन मुद्दों को उठाएं, तो ज़्यादा अच्छा रहेगा। वहीं BBC से वरिष्ठ पत्रकार सुमन भट्टाचार्य कहती हैं कि योगी आदित्यनाथ बंगाल में TMC को नुक़सान से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचा रहे हैं। योगी बंगाल की संवेदनशीलता, संस्कृति, इतिहास और समाज को ठीक से नहीं समझते हैं। वो जो भी बोलते हैं, उसका संदेश बांग्ला भाषियों के बीच सकारात्मक नहीं जाता है। उन्हें लगता है कि ये बंगालियों पर थोपना चाहते हैं। योगी की रैलियों से संभव है हिन्दी भाषी आकर्षित होते हों लेकिन बांग्ला भाषियों को दूर कर दे रहे हैं। BJP  के लोग मछली दिखाकर खाने पर क्यों मजबूर हुए?

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वहीं एक और वरिष्ठ पत्रकार दीप हलदर बीबीसी से कहते हैं कि योगी की भाषा बहुत अलग है, ये बात सही है लेकिन बंगाल की डेमोग्राफ़ी भी बदली है। कोलकाता की आबादी में बड़ी संख्या ग़ैर-बंगालियों की है। बिहार और यूपी के लोग बड़ी संख्या में बंगाल के वोटर हैं। योगी की रैलियां जहां हो रही हैं, वहां हिन्दी भाषी ही नतीजों को प्रभावित करते हैं। बीजेपी की रणनीति देखिए- प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदू अधिकारी। दोनों की भाषा में बहुत फ़र्क़ है। समिक आक्रामक नहीं हैं लेकिन सुवेंदू बहुत आक्रामक हैं। TMC के वरिष्ठ नेता फिरहाद हाकिम कहते हैं कि योगी को लगता है कि उर्दू मुसलमानों की भाषा है। लेकिन उर्दू भारतीय भाषा है। मेरा मानना है कि योगी जिस लाइन पर रैली कर रहे हैं, वो हमारे हक़ में ही है। दरअसल योगी बांग्ला प्राइड को चुनौती दे रहे हैं और इसे बंगाली कभी स्वीकार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि गाँवों में BJP का संगठन TMC की तरह मज़बूत नहीं है। बंगाल के चुनाव में मुद्दा ये नहीं है कि कौन उर्दू बोलेगा और कौन बांग्ला। लोगों को लग रहा है कि TMC भी CPM बन गई है, ऐसे में TMC के विकल्प को लेकर लोग बहुत सतर्क भी हैं। बताते चलें कि वर्तमान में यूपी के सीएम की जनसभा में लोग भारी संख्या में पहुंच रहे है, जबकि तत्कालीन सीएम ममता बनर्जी की जनसभा में लोगों की भीड़ कम जमा हो पा रही है।

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