क्रिकेट बैट के नियम :लंबाई, चौड़ाई, मोटाई और गेज टेस्ट की पूरी जानकारी
क्रिकेट बैट के नियम क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि नियमों और अनुशासन का बेहतरीन उदाहरण है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC इस खेल के हर छोटे-बड़े नियम तय करता है। इन्हीं नियमों में से एक है क्रिकेट बैट का साइज और उसकी जांच, जिसे आजकल मैच से पहले अंपायर बारीकी से चेक करते नजर आते हैं। अगर आपने हाल के मैच देखे हैं, तो जरूर गौर किया होगा कि बल्लेबाज मैदान पर उतरने से पहले अपने बल्ले का गेज टेस्ट करवाते हैं। लेकिन आखिर बैट की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई कितनी होनी चाहिए? और गेज टेस्ट क्यों किया जाता है? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
क्रिकेट बैट की लंबाई और चौड़ाई के नियम
ICC के नियमों के अनुसार क्रिकेट बैट का साइज पूरी तरह तय है। बैट की अधिकतम लंबाई 38 इंच (लगभग 96.52 सेंटीमीटर) हो सकती है। इसमें बैट का हैंडल भी शामिल होता है, जिससे खिलाड़ी इसे पकड़कर शॉट खेलता है। अगर चौड़ाई की बात करें, तो बैट की अधिकतम चौड़ाई 4.25 इंच (करीब 10.8 सेंटीमीटर) तय की गई है। इससे ज्यादा चौड़ा बल्ला इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ माना जाता है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य खेल को संतुलित बनाए रखना है, ताकि बल्लेबाज को अनुचित लाभ न मिले और गेंदबाज के लिए भी मुकाबला बराबरी का रहे।
ये भी पढ़े
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
बैट की मोटाई और गहराई कितनी हो सकती है
आजकल T20 क्रिकेट में बड़े-बड़े शॉट्स देखने को मिलते हैं । जिसकी एक वजह बैट की मोटाई भी होती है। ICC ने इसके लिए भी सीमा तय की है। बैट की मोटाई (Thickness) अधिकतम 40 मिमी तक हो सकती है। बैट की गहराई (Depth) 67 मिमी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए ।इन सीमाओं का पालन करना बेहद जरूरी है, क्योंकि ज्यादा मोटा बैट गेंद को ज्यादा ताकत से मार सकता है और खेल का संतुलन बिगड़ सकता है।
बैट के वजन पर क्या है नियम
दिलचस्प बात यह है कि ICC ने बैट के वजन को लेकर कोई सख्त नियम नहीं बनाया है। हालांकि साइज की सीमाओं के कारण वजन अपने आप नियंत्रित हो जाता है। पुरुष खिलाड़ियों के बैट का वजन 1.1 से 1.3 किलोग्राम के बीच होता है। महिला खिलाड़ियों के बैट का वजन 1 से 1.15 किलोग्राम तक होता है। हर खिलाड़ी अपनी सुविधा के अनुसार बैट चुनता है। कुछ खिलाड़ी हल्के बैट से तेज शॉट खेलना पसंद करते हैं, तो कुछ भारी बैट से पावर हिटिंग करते हैं।
ये भी पढ़े
दिग्गज खिलाड़ियों के बैट का वजन
क्रिकेट इतिहास में कई खिलाड़ियों ने अपने बैट के कारण खास पहचान बनाई है। Sachin Tendulkar का बैट लगभग 1.47 किलोग्राम का होता था, जो काफी भारी माना जाता है। MS Dhoni भी भारी बैट से खेलने के लिए जाने जाते हैं । Virat Kohli का बैट 1.1 से 1.2 किलोग्राम के बीच होता है। भारी बैट से गेंद को ज्यादा ताकत मिलती है, लेकिन इसे नियंत्रित करना आसान नहीं होता। इसके लिए लंबे समय तक अभ्यास की जरूरत होती है।
क्या होता है बैट का गेज टेस्ट
अब बात करते हैं गेज टेस्ट की, जो आजकल हर मैच का अहम हिस्सा बन चुका है। गेज टेस्ट एक तरह की जांच प्रक्रिया है, जिसमें अंपायर एक खास फ्रेम (Gauge) का इस्तेमाल करते हैं। यह फ्रेम लकड़ी या प्लास्टिक का बना होता है, जिसमें बैट को डालकर चेक किया जाता है। अगर बैट इस फ्रेम से आसानी से गुजर जाता है, तो वह नियमों के अनुसार सही माना जाता है। लेकिन अगर बैट फंस जाता है या पास नहीं होता, तो बल्लेबाज को तुरंत बैट बदलना पड़ता है।
गेज टेस्ट क्यों जरूरी है
गेज टेस्ट का मुख्य उद्देश्य खेल में निष्पक्षता बनाए रखना है। अगर बल्लेबाज नियम से ज्यादा मोटा या चौड़ा बैट इस्तेमाल करे, तो उसे अनुचित फायदा मिल सकता है।
इसलिए ICC ने यह नियम लागू किया ताकि:
सभी खिलाड़ी बराबरी की स्थिति में खेलें
बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच संतुलन बना रहे
खेल की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे
आज के आधुनिक क्रिकेट में जहां हर रन की अहमियत होती है,
वहां ऐसे नियम खेल को और भी रोमांचक और निष्पक्ष बनाते हैं।
Orange Cap रेस: संजू सैमसन की सेंचुरी से मचा तहलका,अभिषेक शर्मा को चुनौती
