देश में व्यापारिक नियमों को सख्त करते हुए केंद्र सरकार ने सोना, चांदी और प्लैटिनम से जुड़े सभी आयातित उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम खासतौर पर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा था। डीजीएफटी की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यह नई नीति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इसमें यह भी साफ किया गया है कि कोई भी पुराना अनुबंध, एडवांस भुगतान या शिपमेंट इस नियम से बाहर नहीं होगा। यानी किसी भी आयातक को राहत नहीं मिलेगी।
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यह प्रतिबंध चैप्टर 71 के अंतर्गत आने वाले सभी उत्पादों को कवर करता है। इसमें मोती, कीमती पत्थर, सोना, चांदी, प्लैटिनम और इनसे बने सभी प्रकार के आभूषण शामिल हैं। साथ ही नकली ज्वेलरी और सिक्कों को भी इसमें शामिल किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ व्यापारी भारत-आसियान समझौते का गलत फायदा उठा रहे थे। वे कम टैक्स वाले देशों से आयात कर, उसे अलग कैटेगरी में दिखाकर शुल्क से बच रहे थे। इस वजह से सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ा।
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इससे पहले भी सरकार ने चरणबद्ध तरीके से कुछ ज्वेलरी आइटम्स पर रोक लगाई थी। अब इसे व्यापक रूप देकर पूरी श्रेणी पर नियंत्रण स्थापित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बाजार में पारदर्शिता लाने और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों को रोकने में मदद करेगा। हालांकि, छोटे व्यापारियों के लिए यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सोने और चांदी की कीमतों में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में इस निर्णय का असर आने वाले समय में कीमतों और मांग दोनों पर पड़ सकता है।
