- बदल गया मौसम का रुख, गर्मी की विदाई में अभी लगेगा वक्त,
- लखनऊ, दिल्ली समेत देश में कई जगह झमाझम
- विज्ञानियों के अनुसार अभी और करवट ले सकता है मौसम
- किसानों की बढ़ी चिंता, कई जिलों में रेड अलर्ट जारी
अंशिका यादव
लखनऊ। कहीं खुले आसमान में जाने का मन बना रहे हैं तो अपने कदम रोकिए। बेमौसम हो रही बरसात के कहर से बचने का इससे आसान कोई रास्ता नहीं है। बारिश का कहर इतना खतरनाक था कि उत्तर प्रदेश में 11 लोगों की जान आकाशीय बिजली गिरने से हो गई। कुछ लोग गम्भीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज जारी है। तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली के कहर से प्रदेश में 11 लोगों की जान चली गई है। इनमें नौ लोगों की मौत बिजली गिरने से, जबकि दो लोगों की मौत अन्य हादसों में हुई है।
बेल, आमपना और रुह-आफजा के लिए थोड़ा और कर लीजिए इंतजार, क्योंकि मौसम एक बार फिर अपना मिजाज बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर प्रदेश समेत राजधानी दिल्ली के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इन दिनों बेमौसम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। उत्तरी पंजाब क्षेत्र पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी हरियाणा के ऊपर बने चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में मौसम ने करवट ली है। पछुआ और पुरवा हवाओं की टकराहट के कारण तराई और आसपास के मध्य जिलों में बीती रात से ही तड़ित झंझावात के साथ रुक-रुक कर हल्की बारिश हो रही है।
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मौसम विभाग के अनुसार ईद-उल-फितर के दिन मौसम सुहावना बना रह सकता है, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। इस बदलते मौसम का असर तापमान पर साफ दिखाई दे रहा है, जहां अधिकांश इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि 17 से 18 मार्च के दौरान मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 19 मार्च से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार हैं, जो 21 मार्च तक जारी रह सकता है।
इस दौरान कई स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है, जिससे तापमान एक बार फिर गिरकर सामान्य के आसपास पहुंच सकता है। कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है, जहां बीच-बीच में बारिश और तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। सूबे के सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा और झांसी में ओलावृष्टि ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। तेज हवाओं के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बारिश के चलते प्रदेश में औसतन 12.4 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम अचानक ठंडा हो गया है। सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं की तैयार फसल और पक्की सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर फसलें गिर गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी ज़िलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर फसलों के नुकसान का आकलन कराने को कहा है। साथ ही राहत आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड अधिकारियों से सीधा समन्वय बनाए रखें और फसलों को हुई क्षति का सही आंकलन कर समय पर मुआवजा वितरण सुनिश्चित करें। आसमानी कहर से मचा कोहराम वहीं उन्नाव में आकाशीय बिजली का कहर भी देखने को मिला। तेज हवा और हल्की बारिश के बीच बिजली गिरने से खेत जा रहे एक किशोर और युवक झुलस गए, जिन्हें परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यह घटना असोहा थाना क्षेत्र के कांथा गांव की बताई जा रही है।
यूपी में कहां-कहां हुई बारिश
उत्तर प्रदेश के कानपुर, हमीरपुर, जालौन ,मैनपुरी, आगरा, बांदा, उन्नाव, कानपुर देहात और इटावा समेत कई जिलों में तेज हवा और बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। प्री-मानसून जैसी इस बारिश के चलते पारा करीब 12 डिग्री तक लुढ़ककर 22.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिनभर घने बादलों के कारण अंधेरा छाया रहा और ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। हालांकि इस बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में तैयार फसल को नुकसान से बचाने के लिए किसान जद्दोजहद करते नजर आए।
सावधाना! कहीं आपके जिले में बारिश का रेड अलर्ट तो नहीं…
मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। दोपहर के समय तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, मुरादाबाद और रामपुर सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़ और बरेली में बूंदाबांदी देखने को मिली।
