इंग्लैंड की फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट लीग द हंड्रेड की हालिया नीलामी में एक ऐसा फैसला सामने आया है जिसने क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। काव्या मारन से जुड़ी फ्रेंचाइज़ी सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने के बाद विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम ने अबरार अहमद को करीब 2.30 करोड़ रुपये की बोली में अपने साथ जोड़ा। हालांकि यह रकम पाउंड में तय हुई थी, लेकिन भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत इतनी बताई जा रही है। इस फैसले के बाद क्रिकेट फैंस के बीच बहस शुरू हो गई है।
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कई लोगों का कहना है कि हाल के वर्षों में क्रिकेट और राजनीति से जुड़े मुद्दों के कारण खिलाड़ियों को लेकर विवाद बढ़ते रहे हैं। ऐसे में फ्रेंचाइज़ी को अपने फैसलों में सावधानी बरतनी चाहिए थी। इस मामले में कुछ लोग कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े पुराने विवाद को भी याद कर रहे हैं। उस समय टीम ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाजको अपने साथ जोड़ा था। लेकिन बाद में विवाद बढ़ने पर फ्रेंचाइज़ी को उन्हें रिलीज करना पड़ा था।
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अब क्रिकेट फैंस का क**इंडियन प्रीमियर लीग > 2026**हना है कि उस घटना से सबक लेते हुए टीमों को ऐसे फैसलों में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए थी। इस बीच भारतीय क्रिकेट बोर्ड भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बन सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि फ्रेंचाइज़ी और लीग प्रबंधन इस पूरे मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं।
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