अमेरिका की व्यापार नीति एक बार फिर चर्चा में है, जब डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक आयात पर नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। हाल ही में Supreme Court of the United States ने ट्रंप प्रशासन के कुछ टैरिफ उपायों पर रोक लगाई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय कारोबारियों और आयातकों को राहत मिली थी। लेकिन इसके तुरंत बाद ट्रंप ने 10 प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा की और संकेत दिए कि इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक किया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन अब राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर कई महत्वपूर्ण सेक्टरों की जांच करने की तैयारी कर रहा है। इसमें बैटरी, इलेक्ट्रिक ग्रिड उपकरण, दूरसंचार तकनीक, औद्योगिक रसायन, प्लास्टिक उत्पाद और कास्ट आयरन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन सेक्टरों को अमेरिका की बुनियादी संरचना और सुरक्षा से जुड़ा माना जाता है, इसलिए सरकार आयात पर निर्भरता को कम करने के विकल्प तलाश रही है।
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सरकारी अधिकारियों का कहना है कि नए टैरिफ अगले पांच महीनों तक लागू रह सकते हैं। इस दौरान प्रशासन वैकल्पिक आयात कर व्यवस्था तैयार करने पर भी विचार कर रहा है, ताकि व्यापार संतुलन बनाए रखा जा सके। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि जो देश अमेरिकी न्यायालय के फैसलों का लाभ उठाकर निर्यात बढ़ाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ और सख्त टैरिफ लगाए जा सकते हैं।
इस फैसले का वैश्विक बाजार पर सीधा असर पड़ सकता है। निवेशक और कारोबारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि टैरिफ बढ़ने से आयात महंगा हो सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की गति प्रभावित हो सकती है। फिलहाल, अमेरिकी प्रशासन की रणनीति और अन्य देशों की प्रतिक्रिया आने वाले समय में वैश्विक व्यापार की दिशा तय करेगी।
