- सेना की तर्ज पर अब जेल में भी दलेल!
- समीक्षा बैठक (पार्टी) में शामिल नहीं होने पर मिली कर्मियों को सजा
- तीन महिलाओं समेत 10 सुरक्षा कर्मियों को सुनाया तुगलकी फरमान
राकेश यादव
लखनऊ। सेना की तर्ज पर जेल में भी सुरक्षाकर्मियों को दलेल दी जाने लगी है। यह अजब गजब कारनामा मुजफ्फरनगर जेल अधीक्षक ने कर दिखाया है। माह के अंत में समीक्षा बैठक के नाम पर होने वाली पार्टी में शामिल नहीं होने के लिए अधीक्षक ने तीन महिला वार्डर के साथ 10 सुरक्षाकर्मियों दलेल करने की सजा सुनाई गई। अधीक्षक के इस तुगलकी फरमान से सुरक्षाकर्मियों में खासा आक्रोश व्याप्त है। मामला अनुशासन से जुड़ा होने की वजह से सजा पाए इन सुरक्षाकर्मियों ने चुप्पी साध रखी है। उधर जेल प्रशासन के अधिकारी इस गंभीर मसले पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरनगर जिला जेल में माह के अंत में समीक्षा बैठक के नाम पर पार्टी का आयोजन किया जाता है। पार्टी का आयोजन जेल में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति करने वाला ठेकेदार करता है। बताया गया है नववर्ष की पूर्व संध्या पर जेल में पार्टी के लिए समीक्षा बैठक बुलाई गई। इस पार्टी में वार्डर राजीव कुमार, संजय कुमार, नंदन सिंह(हेड जेल वार्डर), कमल सिंह, देवेश कुमार, प्रमोद कुमार गौतम, दुष्यंत चौधरी, महिला वार्डर चंचल चौधरी, मोनिका और शिखा यादव शामिल नहीं हुईं। इसमें कई उम्र दराज वार्डर भी शामिल हैं।
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सूत्रों का कहना है कि 02 जनवरी 2026 को कथित समीक्षा बैठक (पार्टी) में शामिल नहीं होने के लिए नोटिस जारी किया गया। इसके बाद 07 जनवरी 2026 को अधीक्षक मुजफ्फरनगर ने पत्र जारी कर इन सुरक्षाकर्मियों को 08 जनवरी 2026 से एक माह के लिए प्रतिदिन सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े आठ बजे तक दलेल करने का आदेश जारी किया। उन्होंने इस दौरान क्रम संख्या सात की महिला वार्डर चंचल चौधरी की दलेल की सजा को कम कर पांच दिन की कर दिया। उन्होंने इन सुरक्षा कर्मियों को दलेल/मार्च पास्ट कराने का निर्देश जेलर को दिया। अधीक्षक के इस तुगलकी फरमान को लेकर सुरक्षाकर्मियों में खासा आक्रोश व्याप्त है। अनुशासन से जुड़ा मामला होने की वजह से उन्होंने इस पर चुप्पी साध रखी है। विभाग के जानकारों का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों को ऐसी सजा पहली बार मिली है।
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अधीक्षक ने कई प्रयासों के बाद भी नहीं उठाया फोन
मुजफ्फरनगर जेल में तीन महिला वार्डर समेत 10 सुरक्षाकर्मियों को दलेल की सजा देने के संबंध में जब जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी से उनके सीयूजी नंबर (9454418205) पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उनका फोन नहीं उठा। मुजफ्फरनगर जेलर नीरज श्रीवास्तव से जब सीयूजी नंबर (9454418206) पर बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन स्विच ऑफ मिला।
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क्या होती है “दलेल”
दलेल शब्द का मतलब सजा है। इस शब्द का अधिकांश प्रचलन सेना में होता है। यदि कोई भी सैन्यकर्मी कोई बड़ी गलती या अनुशासनहीता करता है तो उसे दलेल दी। दलेल में सैनिक को निर्धारित समय में रायफल दोनों हाथों से उठाकर दौड़ाया जाता है। यह सेना में सजा की एक परंपरा है। इसको कड़ा दंड माना जाता है।
