देहरादून। श्रीगुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (SGRRIM&HS) के जैव रसायन विभाग ने बुधवार, 18 फरवरी 2026 को उत्तराखण्ड की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला एवं उत्कृष्टता केन्द्र का शुभारंभ कर चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन महंत इन्दिरेश अस्पताल, पटेल नगर स्थित केन्द्रीय जैव रसायन प्रयोगशाला में किया गया। इस अवसर पर ‘‘सिक्स सिग्मा और पूर्ण प्रयोगशाला स्वचालन के लाभ’’ विषय पर निरंतर चिकित्सा शिक्षा सीएमई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने इस उपलब्धि पर चिकित्सकों एवं टीम को बधाई एवम् शुभकामनाएं दीं। बुधवार को श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल में प्रयागशाला का उद्घाटन हुआ। इसके बाद श्रीगुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डाॅ.) के. प्रतापन, S.G.R.R.I.M.&H.S के प्राचार्य डाॅ. उत्कर्ष शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अनिल मलिक, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. गौरव रतूड़ी, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. वीरेन्द्र वर्मा, जैव रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. तारिक मसूद, प्रोफेसर डाॅ. राणा उसमानी और प्रयोगशाला प्रभारी डाॅ. अंशुल एम. काला ने रिबन और केक काटकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विशेषज्ञों द्वारा किया गया वैज्ञानिक विचार-विमर्श रहा। मेदांता अस्पताल, लखनऊ की कंसल्टेंट बायोकैमिस्ट्री डॉ. भावना बैस ने मरीज देखभाल में रोबोटिक टोटल लैब ऑटोमेशन के लाभों पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक डायग्नोस्टिक्स में यह तकनीक कार्यक्षमता, सटीकता और जांच रिपोर्ट मिलने के समय में उल्लेखनीय सुधार कर मरीजों को तेज और विश्वसनीय उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
