उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब लखनऊ, अयोध्या और काशी समेत 19 जिलों की कचहरियों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल सामने आया। धमकी की सूचना मिलते ही संबंधित जिलों में प्रशासन और पुलिस महकमा तुरंत सक्रिय हो गया। एहतियातन कचहरी परिसरों को खाली कराया गया और वहां मौजूद वकीलों, वादकारियों व कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सूत्रों के अनुसार, यह धमकी भरा मेल जिला जज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजा गया था। हिंदी में लिखे संदेश में दोपहर डेढ़ बजे जुम्मे की नमाज के बाद विस्फोट की बात कही गई थी। मेल में धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया।
घटना के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वायड और खुफिया इकाइयों को तत्काल मौके पर तैनात किया गया। लखनऊ के कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कोर्ट परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। तलाशी अभियान के दौरान हर कोने की गहन जांच की गई ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
अयोध्या में भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। सीजेएम ने खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी संभाली। सीओ सिटी और भारी पुलिस बल को परिसर में तैनात किया गया। वकीलों और आम नागरिकों से अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।
फिलहाल किसी भी कचहरी परिसर से संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हैं। साइबर सेल को ईमेल की तकनीकी जांच सौंपी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से और किस उद्देश्य से भेजा गया।
इस घटना ने एक बार फिर न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
