UGC रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, नेताओं की आई अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

ugc supreme court 1769674985

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। भारी विरोध और कानूनी चुनौतियों के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इन नए नियमों पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि रेगुलेशन की भाषा स्पष्ट नहीं है और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी।

UGC के नए नियमों को लेकर छात्र संगठनों, शिक्षाविदों और कई राजनीतिक दलों ने पहले से ही सवाल उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। किसी ने इसे संविधान की जीत बताया तो किसी ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खुलकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि UGC की नई गाइडलाइन पूरी तरह असंवैधानिक थी और इससे छात्रों के अधिकारों पर असर पड़ सकता था। कल्याण बनर्जी ने कहा कि कोर्ट ने समय रहते हस्तक्षेप किया, जिससे छात्रों और शिक्षण संस्थानों को राहत मिली है।

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार का काम देश में शांति और समानता बनाए रखना है, लेकिन मौजूदा सरकार लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए धर्म और जाति जैसे विषयों को आगे बढ़ाती है। प्रमोद तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम कदम है।

कांग्रेस की ही एक अन्य सांसद रंजीत रंजन ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि UGC के नए नियम एक संवेदनशील विषय से जुड़े हुए हैं और इस पर सभी पक्षों से विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी छात्र के साथ जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव न हो।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के साथ किसी भी तरह का अपमान या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। बेनीवाल ने यह भी कहा कि जनगणना के बाद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण की सीमा बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, UGC रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने न केवल शिक्षा नीति बल्कि सियासत को भी गरमा दिया है। अब सभी की नजरें 19 मार्च की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।

Spread the love

Business homeslider Uttar Pradesh

Maruti e Vitara vs Creta Electric: किसकी रेंज ज्यादा? कीमत और फीचर्स समेत जानें अंतर

e Vitara या Creta Electric? रेंज के मामले में कौन-सी इलेक्ट्रिक SUV है बेहतर, जानें पूरी तुलना New Delhi : भारत में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। खासकर SUV सेगमेंट में ग्राहकों के सामने अब कई इलेक्ट्रिक विकल्प मौजूद हैं। अगर आप लंबी रेंज, आधुनिक फीचर्स और बेहतर ड्राइविंग अनुभव वाली […]

Spread the love
Read More
Crime News homeslider Politics Uttar Pradesh

पूर्व मंत्री विमला प्रधान का निधन, रांची के अस्पताल में ली अंतिम सांस

झारखंड की पूर्व मंत्री विमला प्रधान का निधन, सिमडेगा में शोक की लहर Ranchi : झारखंड की पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री विमला प्रधान का निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार रात करीब 8:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस […]

Spread the love
Read More
Today's Horoscope
Astrology homeslider Uttar Pradesh

आज इन राशियों पर बरसेगी लक्ष्मी की कृपा

Today’s Horoscope मेष : दिनचर्या अच्छी रहेगी। धन का लाभ होगा। प्रिय समाचार की प्राप्ति मित्र से प्रसन्नता होगी। प्रियजन से मिलाप होगा। शिक्षा में वृद्धि होगी। धार्मिक कार्य सम्पन्न होगा। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। राजकाज में संघर्ष होगा। दैनिक रोजगार में प्रगति होगी। वृष : पराक्रम की वृद्धि होगी। सामाजिक स्तर बढेगा। दायित्व का […]

Spread the love
Read More