देहरादून। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत राज्य पाठ्यचर्या (स्टेट करिकुलम फ्रेमवर्क) को SCERT (राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद ) ने नये माडल के साथ तैयार किया है। एससीईआरटी के दो विशेषज्ञ प्रवक्ता अजमेर में पूर्वोत्तर राज्यों के राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर चुके हैं। अब पहली से आठवीं कक्षा तक की पाठ्यचर्या में 30 प्रतिशत बदलाव के साथ स्कूली स्तर पर लागू करने की तैयारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राज्य में शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, छात्र-केंद्रित और कौशल आधारित बनाने की दिशा में एससीईआरटी ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके लिए तैयार किए गए नए माडल के तहत पाठ्यचर्या में आंशिक बदलाव कर कक्षा एक से आठ तक चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। इस माडल में समग्र मूल्यांकन प्रणाली को प्रमुख आधार बनाया गया है।
इसके तहत ‘होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड’ यानी समग्र प्रगति कार्ड को एक प्रभावी शैक्षणिक उपकरण के रूप में अपनाया जाएगा। राज्य समन्वयक रविदर्शन तोपाल एवं विनय थपलियाल ने बताया कि होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि छात्र के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोप्रेरक विकास का आकलन करना है। यह 360 डिग्री बहुआयामी मूल्यांकन प्रणाली छात्र की व्यक्तिगत क्षमता और प्रगति को रेखांकित करता है। होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड की विशेषता यह है कि इसमें शिक्षक के साथ-साथ छात्र, सहपाठी और अभिभावक भी मूल्यांकन प्रक्रिया में सहभागी होते हैं। यह प्रणाली समावेशी और लचीली है, जिसे विद्यालय अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित कर सकते हैं। पारंपरिक लिखित परीक्षाओं के अतिरिक्त परियोजना कार्य, समूह गतिविधियां, भूमिका निर्वहन और पोर्टफोलियो जैसे वैकल्पिक तरीकों को भी इसमें शामिल किया गया है।
