मोदी की त्रिस्तरीय रणनीति से 2027 में यूपी फतह की तैयारी

मोदी
अजय कुमार                             
अजय कुमार

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा आलाकमान का फोकस उत्तर प्रदेश में शिफ्ट हो गया है। एक तरफ 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण की वोटिंग चल रही थी तो दूसरी ओर उसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से राज्य विधान सभा चुनाव के लिये मुद्दे तय कर रहे थे। बीजेपी अबकी बार हिन्दुत्व, महिला आरक्षण और विकास के सहारे यूपी फतह करना चाहेगी, वहीं प्रदेश की मजबूत कानून व्यवस्था और भयमुक्त समाज की स्थापना को भी हाईलाइट किया जायेगा। इसकी बानगी वाराणसी में तब देखने को मिली जब 28 अप्रैल को PM  मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन, उससे एक दिन पहले 50000 महिलाओं के साथ नारी शक्ति वंदना अधिनियम यानी महिला आरक्षण पर चर्चा और महिला आरक्षण न लागू हो पाने के लिए कांग्रेस और सपा को जिम्मेदार ठहराना बताता है कि प्रदेश की आधी आबादी पर बीजेपी को काफी भरोसा है। इसी के साथ 28 अप्रैल को ही पीएम ने प्रयागराज से मेरठ तक करीब 600 किलोमीटर लम्बे एक्सप्रेस-वे का हरदोई से उद्घाटन करके इसे जनता को सौंप दिया, जो बताता है कि बीजेपी मंदिर के रास्ते सनातन प्रेमियों, एक्सप्रेस-वे के नाम पर युवाओं और पश्चिम उत्तर प्रदेश की जनता को लुभाना चाहती है, वहीं महिला आरक्षण की बात करके आधी आबादी को अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगी है।

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प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान खास बात यह रही कि इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो स्वाभाविक रूप से मोदी जी के साथ मौजूद थे, लेकिन वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का मोदी के साथ मौजूद रहना काफी कुछ कहा गया। इस पूरे घटनाक्रम का गहन विश्लेषण करने से साफ होता है कि बीजेपी उत्तर प्रदेश की जटिल राजनीति में धार्मिक आस्था, विकास के प्रतीक और महिला सशक्तिकरण को हथियार बनाकर मैदान में उतरेगी। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी का काशी विश्वनाथ मंदिर दौरा महज एक धार्मिक यात्रा नहीं था, बल्कि यह बीजेपी की कोर रणनीति का प्रतीक था। काशी को बीजेपी हमेशा से अपना गढ़ मानती रही है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में वाराणसी से मोदी की भारी जीत इसका प्रमाण है। मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद से यह स्थान हिंदू राष्ट्रवाद का केंद्र बन गया है। दो दिवसीय दौरे में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ प्रधानमंत्री ने सनातन धर्म के प्रेमियों को संदेश दिया कि भाजपा ही उनकी आस्था की रक्षा करेगी। याद कीजिए, अयोध्या राम मंदिर का उद्घाटन भी इसी रणनीति का हिस्सा था, जिसने 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को अपार लाभ पहुंचाया।

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उत्तर प्रदेश में जहां हिंदू वोटरों की संख्या भारी है, वहां मंदिर का मुद्दा हमेशा प्रभावी रहा है। विपक्षी दल जैसे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इसे सांप्रदायिक बताकर खारिज करने की कोशिश करते हैं, लेकिन जनता की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस दौरे से बीजेपी ने फिर साबित कर दिया कि वह सनातन संस्कृति की प्रहरी है। खासकर पूर्वांचल के जिलों में जहां राम भक्त और शिव भक्तों की संख्या लाखों में है, यह दौरा 2027 चुनावों का बिगुल बजा चुका है। योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने इसे और मजबूत किया। योगी स्वयं एक सनातन संत के रूप में स्थापित हैं, उनकी गोरखपुर से वाराणसी तक की यात्रा हमेशा धार्मिक मुद्दों पर केंद्रित रहती है। इस बार मोदी के साथ BJP अध्यक्ष का होना पार्टी की एकजुटता दिखाने का प्रयास था, जो संगठन स्तर पर संदेश देता है कि केंद्र और राज्य की भाजपा एक ही धुन पर नाच रही है।

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प्रधानमंत्री के दौरे का दूसरा बड़ा आकर्षण पचास हजार महिलाओं के बीच नारी शक्ति वंदना अधिनियम की चर्चा रही। प्रधानमंत्री ने संसद में पारित महिला आरक्षण विधेयक को महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि यह विधेयक लागू क्यों नहीं हो पा रहा, इसके लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जिम्मेदार हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को एक तिहाई सीटें देने का वादा अब कानून बन चुका है, मगर जातिगत जनगणना और परिसीमन के बिना इसे लागू नहीं किया जा सकता। मोदी ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि ये दल जानबूझकर इसे लटका रहे हैं ताकि महिलाओं को उनका हक न मिले। यह रणनीति चतुराई भरी है, लेकिन मोदी भी लगातार दम भरते हुए कह रहे हैं कि वह महिला आरक्षण लागू करा कर रहेंगे।

BJP
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उत्तर प्रदेश में महिलाएं वोटरों की लगभग आधी हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में भी महिलाओं ने BJP को भारी समर्थन दिया था, खासकर लखनऊ, कानपुर और सहारनपुर जैसे शहरों में। अब 2027 में पार्टी आधी आबादी को सीधे लक्षित कर रही है। नारी शक्ति वंदना कार्यक्रम में पचास हजार महिलाओं की मौजूदगी इसका प्रमाण है। मोदी ने महिलाओं से अपील की कि वे विपक्ष को सबक सिखाएं। यह मुद्दा इसलिए प्रभावी है क्योंकि समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगता रहा है, जबकि कांग्रेस को भी महिलाओं के प्रति उदासीन माना जाता है। भाजपा ने उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और ट्रिपल तलाक बंदी जैसे कदमों से पहले ही महिलाओं का विश्वास जीत लिया है। अब महिला आरक्षण को हथियार बनाकर वह इसे मजबूत करेगी। योगी सरकार की महिला हेल्पलाइन और सखी केंद्र जैसी योजनाएं भी इसी दिशा में हैं। मोदी ने बीजेपी अध्यक्ष की मौजूदगी में संगठन को महिला मोर्चा के माध्यम से सक्रिय करने का संकेत दिया। कुल मिलाकर, यह बीजेपी की महिला केंद्रित रणनीति का प्रारंभिक बिंदु है।

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उधर, प्रयागराज से मेरठ तक एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करके मोदी इसे UP में विकास के मुद्दे से जोड़कर जोरदार तरीके से उठा रहे हैं। यह एक्सप्रेसवे लगभग छह सौ किलोमीटर लंबा है, जो हरदोई, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर होते हुए मेरठ तक जाता है। प्रधानमंत्री ने इसका लोकार्पण करते हुए कहा कि यह युवाओं के लिए रोजगार और किसानों के लिए बाजार लाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। यहां जाट, मुस्लिम और दलित वोटर निर्णायक हैं। 2022 चुनावों में भाजपा को यहां झटका लगा था, लेकिन 2024 लोकसभा में रिकवरी हुई। एक्सप्रेसवे इसी क्षेत्र को जोड़ने का माध्यम बनेगा। इससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे ट्रक और कार्गो का आवागमन तेज होगा। युवा वर्ग जो नौकरी और व्यापार की तलाश में है, उसके लिए यह स्वर्णिम अवसर है। भाजपा जानती है कि विकास के ठोस प्रतीक ही वोट दिलाते हैं। पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, गंगा एक्सप्रेस-वे और अब यह एक्सप्रेसवे, ये सभी उत्तर प्रदेश को विकास का हब बनाने की दिशा में कदम हैं। विपक्ष इसे जुमला कह सकता है, लेकिन जमीन पर काम दिख रहा है। हरदोई से उद्घाटन इसलिए महत्वपूर्ण क्योंकि यह क्षेत्र अखिलेश यादव का गढ़ रहा है। यहां से मैसेज देकर बीजेपी समाजवादी पार्टी को चुनौती दे रही है। योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन के दौरान कहा कि मोदी  के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस मौके पर मोदी के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, CM योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक आदि नेता मौजूद थे। यह एक्सप्रेस वे न केवल पश्चिमी यूपी को लुभाएगा, बल्कि पूरे राज्य में विकास का मॉडल बनेगा।


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