लखनऊ: यमुना एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन हाईवे सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद राज्य भर में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली हाईवे पर फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में प्रशासन ने गुरुवार को विशेष अभियान चलाया।
एसडीएम आलोक कुमार और सीओ हाईवे शिवम आशुतोष सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने हाईवे किनारे होटल और ढाबों के सामने सड़क पर खड़े ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को हटवाया। इस दौरान ढाबा संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपने प्रतिष्ठानों के सामने किसी भी हालत में वाहन सड़क पर खड़े न होने दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोहरे और ठंड के मौसम में सड़क पर खड़े वाहन गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
फतेहगंज पश्चिमी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार और टोल प्लाजा की टीम ने संयुक्त रूप से झुमका तिराहे से लेकर धनेटा फाटक तक स्थित लगभग 30 ढाबों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सड़क किनारे ट्रक खड़े पाए गए, जिन्हें तत्काल हटवाया गया। साथ ही एएनए कट को बंद करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि अनियंत्रित कट के कारण होने वाले हादसों पर रोक लगाई जा सके।
अधिकारियों ने ढाबा और होटल संचालकों को जागरूक करते हुए कहा कि यदि कोई ट्रक, बस, कार या जीप उनके ढाबे पर आती है, तो उसे केवल निर्धारित पार्किंग में ही खड़ा कराया जाए। सड़क पर वाहन खड़ा करना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की जान के लिए भी खतरा है।
सीओ हाईवे ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि किसी ढाबे या होटल के सामने सड़क पर वाहन खड़ा पाया गया, तो वाहन चालक के साथ-साथ संबंधित ढाबा संचालक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया कि जिन ढाबों के पास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, वे जल्द से जल्द अपनी निजी पार्किंग विकसित करें।
