- सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम मंगाने वाले गिरोह का महराजगंज पुलिस ने किया भंडाफोड़
- कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ बड़ी संख्या में बैंक खाते, सिम कार्ड, मोबाइल और नकदी बरामद की गई,
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर आमजन को झांसे में लेकर उनके बैंक खाते खुलवाने और उनमें साइबर ठगी की रकम मंगाने वाले संगठित गिरोह का महराजगंज पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बड़ी संख्या में बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में पुलिस की इस सफलता को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक महराजगंज सोमेन्द्र मीना के निर्देशन में साइबर फ्राड और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय कॉल सेंटरों तक बैंक खातों की किट पहुंचाकर ठगी की रकम का लेन-देन कराते थे।
जांच में सामने आया कि आरोपी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता और अन्य लाभों का प्रलोभन देकर उनके नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद इन खातों की पूरी किट-पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक और लिंक मोबाइल सिम-बस व कूरियर के माध्यम से बाहर के राज्यों में भेज दी जाती थी। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धन को मंगाने और उसे निकालने के लिए किया जाता था, जिससे वास्तविक खाताधारक अनजाने में अपराध का हिस्सा बन जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 71 चैट पीडीएफ, 76 बैंक खाता नंबरों का विवरण, 80 सिम कार्ड सहित मोबाइल नंबर और 5600 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन खातों के माध्यम से लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का भी खुलासा किया जा सके।
साइबर फ्राड से रहें सतर्क
पुलिस ने आमजन से साइबर ठगी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी व्यक्ति को सरकारी योजना या किसी लाभ के नाम पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, ओटीपी या मोबाइल सिम किसी के भी हवाले नहीं करना चाहिए। अनजान कॉल, मैसेज या लिंक के माध्यम से मिलने वाले प्रलोभनों से बचें। यदि कोई व्यक्ति इस तरह के झांसे में आता है या संदेहास्पद गतिविधि दिखाई देती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण
- हर्ष गुप्ता पुत्र राजेश गुप्ता निवासी सिहांसनपुर पोस्ट कुड़ाघाट, थाना एम्स, जनपद गोरखपुर।
- अनुराग गुप्ता पुत्र निरज कुमार गुप्ता निवासी सिहांसनपुर विछिया, थाना एम्स, जनपद गोरखपुर।
गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव साइबर थाना जनपद महराजगंज, हे0का0 प्रफुल्ल कुमार यादव, का0 लालबहादुर यादव, का0 सन्तोष शर्मा साइबर थाना शामिल रहे।
