दूल्हा तो मोटा निकला…दुल्हन ने शादी से किया इंकार

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नया लुक संवाददाता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक व्यवसायी की शादी फेरों से ठीक पहले टूट जाने का मामला सुर्खियां बटोर रहा है। यह घटना कैंट थाना क्षेत्र की है, जहां दूल्हा ऋषभ सक्सेना बारात लेकर पहुंचे थे, लेकिन रस्में शुरू होने से पहले ही विवाद इतना बढ़ गया कि शादी रुक गई और पुलिस को दखल देना पड़ा। दोनों परिवार एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिससे मामला और उलझ गया है। शादी की रात का माहौल शुरुआत में खुशगवार था। युगवीना लाइब्रेरी के पास आयोजित समारोह में डीजे की धुनें गूंज रही थीं, मेहमान नाच-गाना कर रहे थे। देर रात करीब दो बजे दूल्हा बग्गी पर सवार होकर दुल्हन के पास पहुंचा। इसी दौरान उसे थोड़ी नींद आ गई और उसने पानी पीया। दुल्हन पक्ष को यह देखकर शक हुआ कि दूल्हा नशे में है। यहीं से झगड़ा शुरू हुआ, जो देखते-देखते हंगामे में बदल गया।

दूल्हे ऋषभ का कहना है कि उन्हें बेवजह नशेड़ी करार देकर बदनाम किया गया। उनका आरोप है कि दुल्हन पक्ष ने उनके वजन पर तंज कसे, उन्हें ‘मोटा’ कहकर अपमानित किया और बॉडी शेमिंग की। ऋषभ ने दावा किया कि इसी वजह से शादी तोड़ दी गई। उन्होंने आगे कहा कि हंगामे में उनके परिवार-पिता, मां और बहन के साथ मारपीट हुई, गहने छीने गए। ऋषभ नशा न करने की बात दोहराते हैं और कहते हैं कि उनका परिवार धार्मिक है। दहेज मांगने के आरोपों को वे सिरे से नकारते हैं, बल्कि उल्टा दुल्हन पक्ष पर दबाव बनाने का इल्जाम लगाते हैं। मकान उनके नाम करने और 20 लाख रुपये देने की धमकी।
दूसरी तरफ, दुल्हन पक्ष की कहानी बिलकुल अलग है। उनके अनुसार, दूल्हा पक्ष ने आखिरी  में 20 लाख रुपये कैश और ब्रेजा कार की मांग की। मांग न मानने पर शादी से इनकार कर दिया गया। दुल्हन के परिवार ने दूल्हे और उनके परिजनों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें सात लोग नामजद हैं। पुलिस ने शुरुआती पूछताछ में दूल्हे और कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में भी लिया था।

यह मामला दहेज जैसी सामाजिक कुरीति और बॉडी शेमिंग जैसे मुद्दों को एक साथ उजागर कर रहा है। दोनों पक्षों के बयान विरोधाभासी हैं, जिससे सच्चाई का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। पुलिस जांच कर रही है और दोनों पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं। फिलहाल दूल्हे पक्ष ने कोई औपचारिक शिकायत नहीं की है। ऐसे विवाद समाज में व्यवस्थित विवाह की कमजोरियों को दिखाते हैं, जहां छोटी गलत फहमियां या लालच बड़े संकट पैदा कर देते हैं।

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