- वकील विनय सिंह अकेले चला रहा था 40 फर्मों का नेटवर्क, 73 करोड़ का ITC लूटा
गाजियाबाद । सीजीएसटी गाजियाबाद आयुक्तालय की एंटी-इवेजन टीम ने 410 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी इनवॉइस रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस संगठित धोखाधड़ी में 73.70 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया गया। हैरानी की बात यह है कि पूरा खेल एक अकेला शख्स चला रहा था – पेशे से अधिवक्ता विनय सिंह।
विनय ने 40 से अधिक फर्जी फर्में बनाईं। उसने लोगों के KYC दस्तावेजों का दुरुपयोग कर खुद को अधिकृत प्रतिनिधि दिखाया। सभी फर्मों के GST पोर्टल, ई-वे बिल, TDS और ईमेल अकाउंट के यूजरनेम-पासवर्ड-OTP अपने मोबाइल पर रखे। बिना किसी वास्तविक माल-सेवा की सप्लाई के सिर्फ कागजी इनवॉइस बनाकर ITC पास करवाया।
खुफिया सूचना पर छापेमारी में यह पूरा नेटवर्क बेनकाब हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से सरकारी खजाने को 73 करोड़ से ज्यादा का चूना लगाया। गुरुवार को उसे CGST एक्ट की धारा 69 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। धारा 132 के तहत दंडनीय अपराध दर्ज किए गए हैं। उसे आज न्यायिक हिरासत के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सीजीएसटी अधिकारियों ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि फर्जी फर्मों के जरिए कितने बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी हो रही है। जांच अभी जारी है, जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
