बिहार में सरकार गठन का फॉर्मूला करीब-करीब तय!

  • कौन मुख्यमंत्री और कितने मंत्री, सब हो गया फाइनल
  • नई सरकार का गठन शीघ्र

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को भारी बहुमत मिलने के बाद नई सरकार का गठन जल्द हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नीतीश कुमार राज्य के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में कैबिनेट फॉर्मूले को अंतिम रूप दिए जाने के बाद अगले तीन दिनों में नई राज्य सरकार का गठन होने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार या गुरुवार को होने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम तिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम पर निर्भर करेगी।

एनडीए ने बिहार चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल की है। जेडीयू और बीजेपी दोनों ने अपने 2020 की अपेक्षा कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जेडीयू 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। यहां तक कि लोजपा (आरवी), हम और आरएलएम जैसे उनने छोटे सहयोगियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। 18 वीं बिहार विधानसभा के गठन की अधिसूचना जारी होने के साथ ही आज से सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। चुनाव आयोग बिहार के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद खान को अंतिम नतीजों की जानकारी देगा, जिसके बाद आदर्श आचार संहिता समाप्त हो जाएगी। नीतीश कुमार ने कल कैबिनेट की बैठक बुलाई है। बैठक में निवर्तमान 17 वीं विधानसभा को भंग करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। प्रस्ताव पारित होने के बाद, नीतीश कुमार राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ख़ान को अपना इस्तीफ़ा सौंप देंगे, जिससे नई सरकार के गठन के अगले चरण का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद एनडीए के घटक दल अपने विधायक दल की बैठक कर गठबंधन का नेता चुनेंगे और फिर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

प्रधानमंत्री का कार्यक्रम तय होने के बाद 19 या 20 नवंबर को शपथ ग्रहण समारोह की तारीख पक्की हो जाएगी। पटना के गांधी मैदान में एनडीए के एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जहां रिकॉर्ड 10 वीं बार नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह मौजूद है। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, कई केंद्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तथा गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के इस समारोह में शामिल होने की उम्मीद है, क्योंकि एनडीए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले एकता और राजनीतिक ताकत का एक बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बना रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कल दिल्ली में अमित शाह के साथ हुई बैठक में मंत्रिमंडल गठन का फॉर्मूला तय हो गया। यह भी तय हुआ कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने रहेंगे, हालांकि भाजपा में उन्हें अपना नेता मानने में शुरुआती हिचकिचाहट थी।

मंत्रिमंडल में भाजपा का सबसे बड़ा हिस्सा होने की संभावना है, उसके बाद जदयू का नंबर आता है, और छोटे सहयोगियों को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, एनडीए ने मंत्रिमंडल की योजना तय करने के लिए ‘प्रत्येक छह विधायकों पर एक मंत्री’ के फॉर्मूले का पालन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा को 15 या 16 और जदयू को 14 मंत्री पद मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को तीन मंत्री पद मिलने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है।

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