जोशीमठ में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जनजातीय गौरव दिवस

Untitled 2 copy 19

नया लुक ब्यूरो

जोशीमठ। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ में भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन को समर्पित जनजातीय गौरव दिवस धूमधाम से बनाया गया। वक्ताओं और अतिथियों द्वारा भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास और सामाजिक, राजनैतिक और लोकतांत्रिक संघर्षों की यात्रा में पूरे देश की आदिवासी जनजातियों के योगदान को रेखांकित किया गया। महाविद्यालय के जे. पी. हॉल में आयोजित समारोह में सबसे पहले अतिथियों द्वारा माता सरस्वती, भगवान बिरसा मुंडा सहित चिपको नेत्री गौरा देवी, कॉमरेड गोविंद सिंह रावत और केदारसिंह फोनिया जैसे महनीय जनजाति नेताओं के चित्रों पर दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

ये भी पढ़ें

बिहार की प्रचंड जीत से यूपी में नई इबारत लिखने के तैयारी

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नंदन सिंह रावत कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती हम सबके लिए भारतीय समाज व्यवस्था और लोकतांत्रिक संघर्षों में आदिवासी/जनजातीय समाज और नायकों के योगदान के स्मरण का समय है। बतौर मुख्य अतिथि ज्योतिर्मठ के पूर्व प्रमुख और पूर्व राज्य मंत्री ठाकुर सिंह राणा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सहित देशभर की जनजातियों का स्वाधीनता संग्राम में अभूतपूर्व योगदान है। उन्होंने नीति और माणा घाटी की भोटिया जनजाति के सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान और प्रमुख जनजाति नेताओं के जीवन और विरासत पर भी प्रकाश डाला।

ये भी पढ़ें

कैसे योगी मॉडल से बिछ रहा है BJP सरकारों का जाल

अति विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख ज्योतिर्मठ अनूप सिंह नेगी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में भारत की आदिवासी जनजातियों का अपूर्व योगदान है जिसे युवाओं के सम्मुख लाया जाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि और सामाजिक कार्यकर्ता अतुल सती ने जनजातियों के संघर्ष की परंपरा पर विचार रखे। सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर सिंह राणा ने अपने व्याख्यान में नीती माणा घाटी के जनजातीय नायकों को याद किया। विशिष्ट अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता नंदी राणा ने चिपको आंदोलन और गौरा देवी की महान विरासत को याद करते हुए कहा कि जनजातियां सदैव सामाजिक-सांस्कृतिक और पर्यावरणीय आंदोलनों में मुखर रही हैं।

ये भी पढ़ें

राज्य के सभी 13 जनपदों में 80 से अधिक स्थानों पर हुई भूकंप पर माॅक ड्रिल

इस अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यान में साहित्यकार डॉ. चरणसिंह केदारखंडी, समाज विज्ञानी डॉ. राजेन्द्र सिंह और इतिहासकार डॉ. रणजीत सिंह मर्तोलिया ने कहा कि जनजातीय समाज जल, जंगल और ज़मीन से सबसे निकटता से जुड़ा होता है और बिरसा मुंडा के छोटा नागपुर के पठार सहित गुजरात से लेकर नागालैंड और कश्मीर- हिमाचल से लेकर बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत की सभी जनजातियों का सबसे बड़ा संदेश यही है कि मनुष्य का प्रकृति से सही रिश्ता क्या होना चाहिए।

Spread the love

New Delhi
homeslider Politics Uttarakhand

अंकिता भंडारी केस: राहुल गांधी ने हिरासत पर उठाए सवाल

New Delhi: अंकिता भंडारी मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अंकिता के माता-पिता को तड़के चार बजे उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे दिल्ली के इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे। राहुल […]

Spread the love
Read More
Dehradun
homeslider Uttarakhand

उत्तराखंड में गुटखा-पान मसाले पर एक साल का प्रतिबंध, निर्माण और बिक्री पर रोक

Dehradun: उत्तराखंड सरकार ने गुटखा और तंबाकू-निकोटिन युक्त पान मसाले पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। 13 अक्टूबर 2026 से लागू इस आदेश के तहत प्रदेश में ऐसे उत्पादों का निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री नहीं की जा सकेगी। सरकार ने यह कदम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा नियमों […]

Spread the love
Read More
Himachal Uttar Pradesh Uttarakhand

लॉन्ग वीकेंड पर पहाड़ों में सैलानियों का सैलाब, जाम से थमी रफ्तार

लॉन्ग वीकेंड पर पहाड़ों में सैलानियों का सैलाब, नैनीताल में कमरे फुल Nainital/Shimla : गांधी जयंती के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टियों ने पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ बढ़ा दी। उत्तराखंड से लेकर हिमाचल प्रदेश तक प्रमुख पर्यटन और तीर्थ मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ने से कई जगह यातायात […]

Spread the love
Read More