- इटावा में राजीव यादव की आत्महत्या का मामला
- नगर पालिक चेयरमैन कुलदीप गुप्ता उर्फ संटू को बचाने का आरोप
धर्मन्द्र सिंह यादव
इटावा। इटावा में नगर पालिका परिषद के वरिष्ठ लिपिक राजीव यादव की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोसाइड नोट पर के आधार पर नगर पालिका परिषद की चेयरमैन ज्योति गुप्ता, उनके पति व पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता उर्फ संटू, अधिशाषी अधिकारी संतोष मिश्रा, रिटायर्ड पेशकार अतर सिंह और रिटायर्ड लिपिक सुनील वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक कोई गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध सपाईयों ने बुधवार को इटावा जिलाधिकारी कार्यालय पर पूर्व विधायक शिवप्रसाद यादव की अगुवाई में धरना दिया और नामजदों की गिरफ्तारी न किए जाने पर पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह आरोपितों को बचाने में लगी है। इस प्रदर्शन में मृतक राजीव यादव के पुत्र सिद्धार्थ अर्जुन भी शामिल हुए थे।

इटावा में नगर पालिका परिषद के वरिष्ठ लिपिक राजीव यादव ने बीती शुक्रवार की सुबह यमुना नदी के पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। 29 घंटे की तलाश के बाद शनिवार सुबह 11 बजे उनका शव बढ़पुरा थाना क्षेत्र के जरहौली गांव के पास एसडीआरएफ टीम ने बरामद किया था । राजीव यादव ने मौत से पहले दो पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा। इसमें उन्होंने नगर पालिका परिषद की चेयरमैन ज्योति गुप्ता, उनके पति व पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता उर्फ संटू, अधिशाषी अधिकारी संतोष मिश्रा, रिटायर्ड पेशकार अतर सिंह और रिटायर्ड लिपिक सुनील वर्मा पर मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए।

बता दें कि 58 वर्षीय राजीव यादव अक्टूबर में सेवानिवृत्त होने वाले थे। वह कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष भी थे। परिजनों का आरोप है कि उन्हें नगर पालिका परिषद के अधिकारियों द्वारा झूठे आरोपों में फंसाकर बार-बार जांच और गैर-जरूरी नोटिस दिए जा रहे थे। मृतक के पुत्र सिद्धार्थ यादव ने मीडिया से बात करते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वह ‘जुआरी और सटोरिया’ है। उन्होंने अपनी जान को भी खतरा बताया और कहा कि पूर्व अध्यक्ष इतने दबंग हैं कि उन्हें उनसे डर लगता है, लेकिन वह अपने पिता को न्याय दिलाकर रहेंगे।
