- चौकी प्रभारी और बीट सिपाही तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
- गुडंबा क्षेत्र के बेहटा कस्बे में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। पटाखा बनाने के धंधे में जुटे लाइसेंसी और अवैध कारोबारी मानकों को दरकिनार कर रहे हैं। नतीजतन हर साल दशहरा और दीपावली के सीजन में दुर्घटनाएं होती हैं। इसके लिए शासन ने पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही भी तय की है, लेकिन पुलिसिया अनदेखी भारी पड़ रही है। बेहटा कस्बे में अर्से से चल रही पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट को लेकर पुलिस के आलाधिकारियों ने जांच-पड़ताल की तो लापरवाही सामने आने पर पुलिस अफसरों ने चौकी प्रभारी संतोष पटेल व बीट के सिपाही धर्मेश चाहर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
वहीं गहनता से गौर करें तो जिम्मेदार स्टेशन अफसर भी कम जिम्मेदार नहीं हैं, लेकिन उनकी नाकामी को छिपाते हुए पुलिस के आलाधिकारियों ने छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर पूरे अमले पर पर्दा डाल दिया। कहावत नहीं बल्कि हकीकत है कि बड़ी मछली चाल करती है, लेकिन छोटी मछली ही जाल में फंसती है।
