
Pilibhit Voter List: पीलीभीत में मतदाता सूची से छेड़छाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में 10 हजार से ज्यादा ऐसी एंट्री मिली हैं, जिनमें जरूरी फॉर्म-8 भरे बिना ऑनलाइन बदलाव किए गए। मामले में दो अधिकारियों और संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसी गड़बड़ियों की जांच के आदेश दिए हैं।
पीलीभीत से सामने आया मामला कैसे खुला?
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मामला समाजवादी पार्टी की शिकायत के बाद सामने आया। पार्टी ने एक मतदाता के EPIC यानी वोटर आईडी कार्ड में नाम और पिता का नाम बदले जाने की शिकायत की थी। 19 तारीख को मिले ज्ञापन के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने पीलीभीत के जिलाधिकारी से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी। शुरुआती जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की व्यापक जांच कराई गई। जांच में 10 हजार से ज्यादा ऐसी एंट्री सामने आईं, जिनमें जरूरी फॉर्म-8 भरे बिना ऑनलाइन बदलाव किए गए थे। इस खुलासे के बाद निर्वाचन विभाग में हड़कंप मच गया।
बिना फॉर्म-8 के कैसे बदली गई मतदाता सूची?
निर्वाचन नियमों के तहत मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-8 भरना और आवश्यक दस्तावेज देना होता है। इसके बावजूद पीलीभीत में बड़ी संख्या में ऐसी एंट्री मिलीं, जिनमें आवेदन के बिना ही बदलाव कर दिए गए।
ये भी पढें
भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट 20% गिरा, 10 साल के निचले स्तर पर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “पीलीभीत में जो हुआ, वह गलती नहीं, अपराध था।” जांच में बिना आवेदन के एंट्री करने वाले VRC ऑपरेटरों के साथ-साथ बदलाव को मंजूरी देने वाले अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई है।
दो अधिकारियों समेत कर्मचारियों पर कार्रवाई
31 मई से 31 अगस्त के बीच की गई एंट्री की जांच में दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी जिम्मेदार पाए गए। इसके बाद संबंधित अधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। संबंधित कर्मचारियों को तत्काल मतदाता सूची से जुड़े काम से हटा दिया गया है।
इसके अलावा VRC ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मामले में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 30 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
अब पूरे उत्तर प्रदेश में होगी जांच
पीलीभीत में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसी एंट्री की जांच करने के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि दूसरे जिलों में भी कहीं बिना फॉर्म-8 और जरूरी दस्तावेजों के मतदाताओं के नाम या अन्य विवरण तो नहीं बदले गए।
इस जांच का उद्देश्य गलत तरीके से किए गए संशोधनों की पहचान करना, आवश्यक सुधार कराना और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह का बदलाव निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए।
मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। ऐसे में बिना निर्धारित आवेदन और दस्तावेजों के हजारों एंट्री में बदलाव का मामला निर्वाचन व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़ा है। अब पूरे प्रदेश में होने वाली जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस तरह की गड़बड़ियां केवल पीलीभीत तक सीमित थीं या अन्य जिलों में भी ऐसी अनियमितताएं हुई हैं।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट 20% गिरा, 10 साल के निचले स्तर पर
हॉरर और सस्पेंस से भरी है ‘418’, क्या अंत तक दर्शकों को डरा पाएगी फिल्म?
सोते समय गिरने जैसा झटका क्यों लगता है? जानें वजह
अमित त्रिवेदी का खुलासा: शिल्पा राव ने अनुराग कश्यप से मिलवाया था


One thought on “यूपी की वोटर लिस्ट में बड़ा खेल! पीलीभीत में 10 हजार से ज्यादा एंट्री में गड़बड़ी”
Comments are closed.