
SameerAnjaan : हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने गीतों से कई दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले मशहूर गीतकार समीर अंजान ने मौजूदा दौर के म्यूजिक को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा के पॉडकास्ट ‘गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ के लेटेस्ट एपिसोड में पहुंचे समीर अंजान ने आधुनिक संगीत में बढ़ती एकरूपता और गानों में कम होती वैरायटी पर खुलकर बात की।
समीर अंजान हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा गीतकारों में शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री के लिए गीत लिखे हैं। उनके नाम सबसे ज्यादा फिल्मी गाने लिखने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है। ऐसे में हिंदी फिल्म संगीत के बदलते दौर को लेकर उनकी राय को खास महत्व दिया जा रहा है।
‘हर गाना एक जैसा लगता है’
‘गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ में बातचीत के दौरान समीर अंजान ने मौजूदा म्यूजिक इंडस्ट्री में गानों की एकरूपता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लगातार एक जैसे गाने सुनने को मिल रहे हैं और उनमें पहले जैसी विविधता नजर नहीं आती। उन्होंने नए कलाकारों और गायकों को मिलने वाले मौकों पर भी बात की। समीर अंजान के मुताबिक, नए कलाकारों के सामने मौके तो हैं, लेकिन म्यूजिक में एक खास तरह की शैली बार-बार दोहराई जा रही है। उन्होंने कहा, “हम वही मोनोटोनस गाने बार-बार सुनते रहते हैं, लगातार रिपीटिशन के साथ। हर गाना एक जैसा लगता है।”
अरिजीत सिंह का भी किया जिक्र
समीर अंजान ने इस बातचीत में मशहूर गायक अरिजीत सिंह का उदाहरण भी दिया। उन्होंने मौजूदा म्यूजिक इंडस्ट्री में गायकों के लिए बनी एक खास शैली को लेकर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि अरिजीत सिंह को भी लंबे समय तक एक जैसी शैली में गाने मिलते रहे और उन्हें अलग-अलग तरह के गाने करने के पर्याप्त अवसर नहीं मिले। समीर के मुताबिक, अगर कोई कलाकार लगातार एक ही तरह का संगीत करता रहे तो उसकी रचनात्मक विविधता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि अरिजीत को यह महसूस हो गया था कि अगर वह लंबे समय तक इसी तरह के गाने करते रहे तो उनके संगीत में भी एकरूपता आ सकती है। समीर अंजान ने यह भी कहा कि उनके बाद आने वाले कई नए सिंगर्स ने भी उसी तरह की गायकी को अपनाया और इससे म्यूजिक में वैरायटी कम होती गई।
पुरानी पीढ़ी के संगीत में थी ज्यादा वैरायटी
समीर अंजान ने मौजूदा दौर की तुलना पिछली पीढ़ी के संगीत से भी की। उन्होंने उदित नारायण जैसे गायकों का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में अलग-अलग आवाजों और गायकी की शैलियों के लिए जगह थी। उनके मुताबिक, पिछली पीढ़ी में संगीत में काफी विविधता देखने को मिलती थी और अलग-अलग तरह के गाने और आवाजें दर्शकों तक पहुंचती थीं। उनका मानना है कि आज के दौर में वह विविधता कम दिखाई देती है। समीर अंजान ने कहा कि मौजूदा हालात में संगीत के क्षेत्र में काम करने वाले कई समझदार लोगों को भी एक समय बाद यह महसूस हो सकता है कि उन्हें इससे अलग रास्ता तलाशना चाहिए।
कोमल नाहटा के पॉडकास्ट में हुई खास बातचीत
‘गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ के जरिए ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा भारतीय फिल्म संगीत से जुड़े कलाकारों की क्रिएटिव जर्नी और उनके अनुभवों को दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं। इस सीरीज में सिंगर्स, कंपोजर्स और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गज अपने करियर, प्रेरणा और उन कहानियों के बारे में बात करते हैं, जो पर्दे के पीछे रह जाती हैं। समीर अंजान के साथ हुई बातचीत में भी उनके लंबे करियर और हिंदी फिल्म संगीत में आए बदलावों से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हुई। खासतौर पर मॉडर्न म्यूजिक में बढ़ती मोनोटनी को लेकर उनकी टिप्पणी ने ध्यान खींचा है।
YouTube पर देख सकते हैं लेटेस्ट एपिसोड
‘गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ का यह लेटेस्ट एपिसोड दर्शकों के लिए YouTube चैनल पर उपलब्ध है। इसमें समीर अंजान ने अपने अनुभवों के साथ-साथ हिंदी फिल्म संगीत के बदलते स्वरूप पर अपनी राय साझा की है।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…। https://play।google।com/store/apps/details?id=com।app।nayalooknews
यह भी पढें
वादे के पक्के निकले अनंत अंबानी, तिरुमला को दीं 25 ईवी
इंट्रीगेटेड चेक पोस्ट बनने के बाद ही मिल सकती है जाम से निजात
लखनऊ से शुरू ‘भारत टैक्सी’ को सभी 75 जिलों तक ले जाएगी योगी सरकार
भागलपुर के अभिषेक ने रचा इतिहास, मिलेट्स पर PhD बिहार में पहला नाम


One thought on “.समीर अंजान ने खड़े किए मॉडर्न म्यूजिक की मोनोटनी पर सवाल”
Comments are closed.