रिटायर भ्रष्ट अफसरों को सौंप दी गई चीनी मिलों की कमान!

रिटायर भ्रष्ट अफसरों

रिटायर भ्रष्ट अफसरों:  नियमों को दर किनार कर सौंप दिए वित्तीय अधिकार

रिटायर भ्रष्ट अफसरों :लखनऊ। शासन में बैठे चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के आला अफसरों ने उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिलों का हाल बेहाल कर रखा है। चीनी मिलों से सेवानिवृत हुए गैर अनुभवी अफसरों को चीनी मिलों का प्रधान प्रबंधक बना दिया।

यही नहीं इन सेवानिवृत अधिकारियों को नियमों को दरकिनार कर वित्तीय अधिकार तक सौंप दिए गए है। यह मामला चीनी मिलों के अधिकारियों और कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

चर्चा है कि नियमों को दर किनार कर दिए गए वित्तीय अधिकार में घोटाला होने पर इसका जिम्मेदार कौन होगा। इस सवाल पर विभाग की एसीएस गन्ना समेत अन्य आला अफसरों ने चुप्पी साध रखी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग की मुखिया ने चीनी मिलों से सेवानिवृत हुए कई प्रधान प्रबंधकों को पिक एंड चूस (मनमाने मनपसंद) लोगों को नियमों को दर किनार कर चीनी मिलों का प्रधान प्रबंधकों बना रखा है। रुद्र बिलासपुर चीनी मिल में प्रधान प्रबंधक के पद से सेवानिवृत हुए आरके जैन को नियुक्त किया गया। पेराई सत्र के दौरान मिल संचालन में लापरवाही पर हटाकर इन्हें पीलीभीत की बीसलपुर चीनी मिल में प्रभारी प्रबंधक भेज दिया गया।

सहकारी चीनी मिल संघ और मिलों में सेवानिवृत अफसरों की बल्ले बल्ले

इसी प्रकार बरेली की सेमीखेड़ा चीनी मिल से रिटायर हुए किशन लाल का इन्हीं चीनी मिलों पर प्रधान प्रबंधक के पद पर नियुक्ति दी गई है। इन प्रधान प्रबंधकों को किन नियमों के अंतर्गत नियुक्ति दी गई है। इस प्रकार चीनी मिल संघ मुख्यालय में शासन में विशेष सचिव पद से सेवानिवृत हुए आरबी सिंह को लीगल का प्रभार सौंप रखा गया है। इन्होंने न तो एलएलबी की डिग्री हासिल कर रखी है और न ही इनके पास लीगल के कार्यों का कोई अनुभव प्राप्त है।

करीब पांच साल पहले मुख्य लेखाकार पद से सेवानिवृत हुए सतेंद्र सिंह से रिटायरमेंट के बाद भी मुख्य लेखाकार का कार्य कराया जा रहा है। विवादों से घिरे और कमाकर देने वाले इस लेखाकार को भी हटाया नहीं गया है।

सूत्र बताते है कि इस कड़ी में लीगल का कोई अनुभव नहीं रखने वाले सेवानिवृत एसपी दीक्षित को लीगल, एमएन जोशी को संघ से प्रबंध निदेशक का निजी सचिव, राम सिंह को संयुक्त प्रबंध निदेशक का निजी सचिव, आरके गुप्ता, दीपक सिंह को डिप्टी सीसी, सुदर्शन और मल्होत्रा को क्रय जैसे महत्वपूर्ण प्रभार सौंप रखे गए है।

इसके अलावा कई बाबुओं से सेवानिवृत होने के बाद भी काम कराया जा रहा है। इन अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवानिवृत होने के उपरांत किन नियमों के अंतर्गत महत्वपूर्ण पदों पर रखा गया है इन सवालों का जवाब देने से विभाग की एसीएस गन्ना समेत अन्य अधिकारी बचते नजर आए। एसीएस गन्ना वीना कुमारी मीणा से कई प्रयासों के बाद भी बात नहीं हो पाई।

सेवानिवृत अधिकारियों को खरीद फरोख्त की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ और चीनी मिलों से सेवानिवृत हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से नियम विरुद्ध और मनमाने तरीके से क्रय विभाग, लीगल, अकाउंट और प्रोडक्शन जैसे महत्वपूर्ण विभाग में काम पर रखा गया है।

बागपत में सत्यपाल शर्मा, मोरना मिल में ऋषिपाल, गजरौला मिल में अनिल शर्मा, पूरनपुर मिल में दीक्षित, नानपारा मिल में गंगासागर इसका जीता जागता उदाहरण है।

इनसे क्रय विभाग का महत्वपूर्ण कार्य कराया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि गंगा सागर को नानपारा चीनी मिल से सेवानिवृत हुए 10 साल से अधिक का समय बीत चुका है। इसके बाद भी वह सेवा में बने हुए हैं।

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