- ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत की बड़ी कामयाबी, LPG टैंकर नवी मुंबई पहुंचा
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 15,400 टन LPG लेकर भारतीय ध्वज वाला टैंकर ‘ग्रीन आशा’ नवी मुंबई पहुंच गया है। यह टैंकर 6 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से रवाना हुआ था और सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचा। जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (JNPA) ने गुरुवार को इस जहाज के आगमन की पुष्टि करते हुए उसका स्वागत किया। प्राधिकरण के अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस टैंकर का सुरक्षित पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है। खास बात यह है कि ईरान में संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहला LPG टैंकर है, जो इस मार्ग से होकर जेएनपीए तक पहुंचा है।
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जेएनपीए ने अपने बयान में कहा कि “ग्रीन आशा” ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया और BPCL-IOCL द्वारा संचालित तरल बर्थ पर लंगर डाला। जहाज, उसका माल और चालक दल के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके साथ ही ‘ग्रीन सानवी’ नाम का एक और टैंकर, जो छह अप्रैल को ही होर्मुज से गुजरा था, पहले ही भारत पहुंच चुका है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध के चलते ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर कड़े नियंत्रण लगाए हैं। हालांकि, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिन्हें यहां से गुजरने की अनुमति दी गई है।
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नवी मुंबई स्थित JNPT (न्हावा शेवा बंदरगाह) देश के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में अहम भूमिका निभाता है। पश्चिम एशिया के हालातों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन भारत सरकार वैकल्पिक स्रोतों से तेल और गैस की आपूर्ति बनाए रखने में जुटी हुई है। इस टैंकर के आगमन से देश में घरेलू गैस की सप्लाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
