दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए किसी थ्रिलर से कम नहीं था। पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात ने 210 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम के टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के सामने बड़ा लक्ष्य रखा। जवाब में दिल्ली की टीम ने भी अच्छी शुरुआत की, लेकिन बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। केएल राहुल ने एक छोर संभाले रखा और शानदार बल्लेबाजी करते हुए 92 रन बनाए। उनके साथ डेविड मिलर का योगदान भी अहम रहा, जो चोट के बावजूद मैदान पर उतरे।
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मिलर पहले रिटायर हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए थे, लेकिन टीम की जरूरत को देखते हुए वे फिर बल्लेबाजी करने लौटे। उनकी वापसी से मैच में रोमांच और बढ़ गया। आखिरी ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 13 रन चाहिए थे। शुरुआत अच्छी रही और टीम लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गई। मिलर ने एक लंबा छक्का लगाकर मैच को लगभग जीत दिला दी थी। लेकिन इसके बाद एक ऐसा फैसला आया जिसने पूरी कहानी बदल दी।
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पांचवीं गेंद पर मिलर ने रन लेने से इनकार कर दिया, जबकि वह रन आसानी से बन सकता था। इससे टीम को बड़ा नुकसान हुआ। अब आखिरी गेंद पर 2 रन की जरूरत थी, लेकिन गेंदबाज की शानदार गेंदबाजी के आगे दिल्ली असफल रही। इस एक गलती ने पूरे मैच का रुख बदल दिया। अगर वह रन लिया जाता तो मैच टाई हो सकता था। मिलर की इस चूक ने उन्हें हीरो बनने से रोक दिया और टीम की हार का कारण बन गया। क्रिकेट में छोटे फैसले बड़े असर डालते हैं, और इस मैच ने एक बार फिर यह साबित कर दिया।
