वनडे क्रिकेट को हमेशा बड़े स्कोर और लंबी पारियों के लिए जाना जाता है, लेकिन कभी-कभी यही फॉर्मेट ऐसे रिकॉर्ड भी देखता है, जिन्हें कोई टीम अपने नाम नहीं करना चाहती। क्रिकेट इतिहास में ऐसा ही एक अनोखा और शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज है, जब पूरी टीम सिर्फ 35 रन पर ऑलआउट हो गई। हैरानी की बात यह है कि यह घटना एक नहीं, बल्कि दो बार हो चुकी है। सबसे पहले यह रिकॉर्ड साल 2004 में बना, जब जिम्बाब्वे और श्रीलंका के बीच हरारे में मुकाबला खेला गया। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बेहद खराब प्रदर्शन किया और पूरी टीम मात्र 35 रन पर सिमट गई। यह वनडे क्रिकेट के इतिहास का सबसे कम स्कोर बन गया। टीम केवल 18 ओवर ही खेल पाई, जो इस फॉर्मेट के हिसाब से बेहद कम है।
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इस मैच में श्रीलंका के गेंदबाजों का प्रदर्शन लाजवाब रहा। खासकर चामिंडा वास ने घातक गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया। उनके साथ अन्य गेंदबाजों ने भी बेहतरीन तालमेल दिखाया। नतीजा यह हुआ कि जिम्बाब्वे के बल्लेबाज एक-एक कर जल्दी आउट होते चले गए। श्रीलंका ने इस छोटे से लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। टीम ने मात्र 9.2 ओवर में जीत दर्ज कर ली, जिससे यह मुकाबला पूरी तरह एकतरफा साबित हुआ। यह रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम रहा और किसी भी टीम ने इससे नीचे स्कोर नहीं किया।
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लेकिन साल 2020 में यह रिकॉर्ड फिर चर्चा में आया, जब अमेरिका (यूएसए) की टीम भी नेपाल के खिलाफ 35 रन पर ऑलआउट हो गई। इस मैच में भी बल्लेबाजी पूरी तरह विफल रही और टीम केवल 12 ओवर में सिमट गई। नेपाल ने इस छोटे लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया और मैच को जल्दी खत्म कर दिया। इस तरह वनडे क्रिकेट के इतिहास में दो बार एक ही न्यूनतम स्कोर देखने को मिला। यह रिकॉर्ड इस बात का उदाहरण है कि क्रिकेट में कुछ भी संभव है। जहां एक ओर टीमें 300-400 रन बनाती हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे नतीजे भी सामने आते हैं।
