शाश्वत तिवारी
काठमांडू। भारत और नेपाल ने 7 नई उच्च-प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं (एचआईसीडीपी) के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये परियोजनाएं मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इन प्रोजेक्ट्स की अनुमानित लागत लगभग 47.3 करोड़ नेपाली रुपये है, जिसे भारत सरकार अनुदान सहायता के रूप में प्रदान करेगी। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार कृषि क्षेत्र की बात करें तो नवलपुर और तेरहथुम में कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। वहीं शिक्षा क्षेत्र में मुस्तांग, कैलाली, डोल्पा और बांके जिलों में स्कूल भवनों, छात्रावासों और कैंटीन सुविधाओं का विकास शामिल है। स्वास्थ्य क्षेत्र में रौतहट जिले में एक प्रसूति केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। इन परियोजनाओं को नेपाल के स्थानीय सरकारी निकायों (नगर पालिकाओं और ग्रामीण नगर पालिकाओं) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा।
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भारतीय दूतावास ने कहा वर्ष 2003 से अब तक भारत सरकार ने नेपाल में 598 एचआईसीडीपी शुरू की हैं, जिनमें हाल ही में हस्ताक्षरित 7 परियोजनाएं भी शामिल हैं। इनमें से 506 परियोजनाएं स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेयजल, कनेक्टिविटी, स्वच्छता और सार्वजनिक उपयोगिताओं के निर्माण जैसे क्षेत्रों में पूरी हो चुकी हैं। ये परियोजनाएं नेपाल के सभी 7 प्रांतों में फैली हुई हैं। शेष परियोजनाएं कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। उल्लेखनीय है कि भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत नेपाल की विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर मदद करता रहा है। निकटतम पड़ोसी होने के नाते, भारत और नेपाल व्यापक और बहु-क्षेत्रीय सहयोग में संलग्न हैं। एचआईसीडीपी का कार्यान्वयन, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के साथ-साथ, विकास और प्रगति को बढ़ावा देने के नेपाल सरकार के प्रयासों को मजबूत करने में भारत सरकार के निरंतर समर्थन को दर्शाता है।
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