कन्नौज/लखनऊ । यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण और DM आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के बीच कथित विवाद अब सियासी रंग लेता जा रहा है। इस मामले में भीम आर्मी प्रमुख और नेता चन्द्रशेखर आज़ाद ने खुलकर दखल देते हुए सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चन्द्रशेखर ने अपने X (ट्विटर) पोस्ट के जरिए तीन बड़े सवाल उठाए, जिनसे राजनीतिक बहस तेज हो गई है ।
आखिर किसके इशारे पर चुनिंदा ब्यूरोक्रेट्स जनप्रतिनिधियों पर हावी होते जा रहे हैं? क्या इस तथाकथित ‘रामराज्य’ में संवैधानिक पदों का सम्मान भी अब वर्ण व्यवस्था से तय किया जा रहा है? जो सरकार दलित समाज से आने वाले अपने ही मंत्रियों को सम्मान नहीं दे सकती, उसमें आम दलितों और पिछड़ों का क्या हश्र होगा?
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इस बयान के बाद मामला अब केवल प्रशासनिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ‘दलित सम्मान’ और सत्ता–प्रशासन के रिश्तों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। फिलहाल सरकार या प्रशासन की ओर से इस पूरे विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सियासी हलकों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।
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