- डेढ़ करोड़ मुआवजे के भुगतान के एवज में मांग रहा था 40 लाख रूपये,
नया लुक ब्यूरो
रांची/जमशेदपुर। सोनारी ACB की टीम ने सरकारी मुआवजा देने की एवज में 40 लाख रुपए घूस मांगने के आरोपी सरायकेला डीसी कार्यालय के भू-अर्जन विभाग के क्लर्क प्रीतम आचार्य और उसके दलाल विनय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। विनय तिवारी गम्हरिया ब्लॉक कार्यालय के पास गाड़ी में नोट गिनते पकड़ा गया। घटना के दिन क्लर्क प्रीतम को एक मीटिंग में शामिल होने डीसी ऑफिस जाना था। ऐन वक्त पर इसे दलाल के द्वारा ये सूचना मिली कि पैसा देने वाला आदमी आ गया है। क्लर्क ने डीसी की मीटिंग दरकिनार करते हुए घूस लेने को प्राथमिकता दी और मीटिंग में नहीं गया। दोनों के खिलाफ चौका के मोनोबोरो गांव निवासी गुरुचरण सिंह सरदार ने 11 फरवरी को सोनारी ACB DSP इंद्रदेव राम से घूस मांगने की शिकायत की थी। मामले की जांच करने के बाद पहली किस्त देने के दौरान दोनों को पकड़ा गया। नकद पांच लाख रुपए समेत दो चेक भी जब्त किए गए हैं।
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गिरफ्तार क्लर्क सरायकेला टाउन हॉल वार्ड नंबर तीन निवासी प्रीतम आचार्य और कीताडीह हरहरगुट्टू कृष्णापुरी निवासी विनय तिवारी को सोनारी एसीबी कैंप ले आई, जहां से शाम सात बजे दोनों को जेल भेज दिया गया। एसीबी थाने में विनय तिवारी की पत्नी पहुंची, जहां कुछ देर के लिए उन्हें मिलने दिया गया और फिर जेल ले जाया गया। गुरुचरण सिंह सरदार के बयान पर मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के लिए रांची से पुलिस पदाधिकारी राजीव कुमार व उनकी टीम को भी बुलाया गया था।
