मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में सतारा विवाद को लेकर घमासान मचा हुआ है। शिवसेना-बीजेपी गठबंधन के भीतर बढ़ते तनाव के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की। विधानसभा में दिनभर चले हंगामे के बाद हुई इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि बैठक में सतारा जिला परिषद चुनाव और उससे जुड़े विवादों पर विस्तार से चर्चा हुई। खासकर सतारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी के निलंबन के आदेश ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
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यह आदेश उपसभापति नीलम गोर्हे ने जारी किया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे और फडणवीस ने इस फैसले पर मंथन करते हुए गठबंधन के भीतर उभर रहे मतभेदों को दूर करने की कोशिश की। दरअसल, शिवसेना के मंत्री शंभूराज देसाई और एनसीपी नेता मकरंद पाटिल समेत कई नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला परिषद अध्यक्ष चुनाव के दौरान पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी और हाथापाई की। इसी के चलते एसपी को निलंबित करने की मांग उठी थी।
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वहीं, सतारा जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर बीजेपी की प्रिया शिंदे ने शिवसेना–एनसीपी गठबंधन के उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की। मामूली अंतर से मिली इस जीत ने सियासी समीकरणों को और जटिल बना दिया है। विधानसभा की कार्यवाही से पहले हुई विशेष बैठक में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा। शिवसेना विधायक हेमंत पाटिल ने आरोप लगाया कि उनके नेताओं के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किया गया, जिस पर उपसभापति ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। फिलहाल, सतारा विवाद ने महाराष्ट्र की राजनीति को गरमा दिया है। ऐसे में शिंदे–फडणवीस की यह देर रात बैठक आने वाले दिनों में गठबंधन की स्थिरता और सियासी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
