नया लुक ब्यूरो
आप सोनी जी हैं। बागपत की रहने वाली। शादी-शुदा हैं और दो बच्चों की अम्मा भी। आप फेसबुक की सक्रिय सदस्या है। काफी एक्टिव और अपडेटेड रहती हैं। एक साल पहले टटीरी निवासी हरीश कश्यप का फ्रेंड रिक्वेस्ट आता है। देखी कि लोकल लड़का है तो फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेती है। फिर हरीश लगातार इनके रिल्स, पोस्ट, वीडियो, स्टोरी आदि पे लव रिएक्ट करता। कमेंट बॉक्स में मर्यादित कमेंट करता तो इनबॉक्स में थोड़े अमर्यादित हो जाते। सोनी जी भी इनकी इस अमर्यादित चीजों को इग्नोर कर देती। लेकिन धीरे-धीरे ये चीजें अच्छी लगने लगी इन्हें। जब इन्हें अच्छा लगने लगा तो हरीश ने भी एक बिलांग आगे छलांग लगा दिया। तारीफों के पुल बांधे जाने लगे, सौंदर्य रस को एकदम से निचोड़ के कपार से एड़ी तक रगड़ देते। सोनी जी कहती कि अरे कुछ ख्याल रखो, शादी-शुदा हूँ मैं। दो बच्चों की अम्मा भी। पति है परिवार है बच्चे हैं कुछ तो ख्याल रखिये।
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तो हरीश जी कहते, “भक्क… कौन कहता है कि आप दो बच्चों की अम्मा हो ? और जिन्हें लगता हो उनके आँख में भेलवा आर रसुन। अरे आप तो स्वीट सिक्सटीन लगती हो, एकदम अभिये कामदेव की बगीचा से निकली हुई, कामदेव की रति भी शर्मा जाएं आपके हुस्न और फिगर के आगे, और आप हमको बताती है कि हम दो बच्चों की अम्मा है? हट्ट.. इतना तो जुल्म न कीजिये महाराज आप। बस ऐसे ही बातें होती इनबॉक्स में। सोनी भी हरीश के द्वारा सप्लाई सौंदर्य रस से ऐसा सराबोर हो जाती कि कमाल-कमाल की फोटू और रिल्स शूट करती। फोटो रिल्स पोस्ट करते ही हरीश को इनबॉक्स करती, अरे देखो मेरा अपडेट फेसबुक में, कैसी लग रही हूं तुरंत बताओ! पुनः टैंक भर-भर के सौंदर्य रस को सप्लाई किया जाता। इस रस का रसपान करने से सोनी जी रिवर्स एजिंग को प्राप्त कर रही थी, 72 बार आईने में अपने को निहारती, फ्रंट कैमरा ऑन करके इतराती। हर दिन यही सोचती कि मैं अब हरीश के एज की तरफ आ रही हूं। बहुत जल्द हम हरीश की एज की हो जाऊंगी। बातें और बढ़ी, रिवर्स एजिंग अब रिवर्स मोड में आ चुका था।
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वर्तमान ड्राइवर अब गाड़ी चलाने में असमर्थ होने लगा था। सोनी जी जिनका इंजन 100 सीसी से 350 सीसी हो गया, वो अब जवनका ड्राइवर से ड्राइव करवाना चाहती थी। इसलिए ये स्वयं ही हरीश से मिलने उनके आवास पे चल जाती थी। हरीश ऊर्जा से लबालब युवा थे। फुल एक्सेलेरेटर से गाड़ी हौंकते थे। क्लचिंग, ब्रेकिंग, गियर शिफ्टिंग इतना स्मूद था कि एक टेस्ट ड्राइव में ही सोनी जी ने परमानेंट लाइसेंस देने की इच्छा व्यक्त कर दी। इनको जब भी वाइल्ड ड्राइविंग करवानी होती थी तो ये हरीश जी के यहाँ पहुँच जाती। और हरीश जी निराश भी नहीं करते थे। कभी-कभी तो इतना हौंक देते थे कि साइलेंसर से मोबिल टकपने लगता था, और इंजिन ओवर हीट हो जाता था जो घर आने के बाद भी गनगनाते रहता था।
अब जब गाड़ी इतना हौंका रहा था तो गाड़ी मालिक को तो पता चलेगा ही। सोचता कि साला हम तो गाड़ी वेल मेंटेन रखते है फिर भी ये जरल-जरल सा क्यों लगता है? सच्चाई खैर सामने आ ही गई। पता चल गया कि गाड़ी कौन चला रहा है सो, परसो ये फिर वाइल्ड ट्रिप पे चली गई। पीछे-पीछे इनका पति भी आ गया। साथ में इनके मायके वालों को भी बुला लिया। हरीश जी के घर पे ढेर हंगामा हुआ। परिजनों ने समझाने-बुझाने का बहुत प्रयास किया लेकिन सोनी जी नहीं मानी। बोली कि अब हमको वापिस नहीं जाना। अब हमको यहीं बस जाना है। काफी नोंक-झोंक और लड़ाई-झगड़ा वाला माहौल बन गया। मामला बढ़ता देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस आई उन्होंने भी समझाया-बुझाया लेकिन सोनी जी नहीं मानी। पति ने बच्चों का हवाला दिया कि इनका क्या होगा ? तो बोली कि हमारे तरफ से गिफ्ट है रख लो। आजकल लोग बच्चे के लिए क्या-क्या नहीं करते है, जिनके नहीं होते वे अनाथालयों में भटकते रहते हैं, तुमको तो ऐसे ही मिल गए, रख लो अब। जब सभी तरीके अपनाने के बाद भी सोनी जी नहीं मानी तो अंत में पति ने अपनी स्वीकृति दे दी और कहा कि “जा जी ले अपनी जिंदगी.. जा अपने प्यार के साथ खुश रह आबाद रह।” इसके बाद हरीश जी के परिवार जनों ने खुशी से मिठाई बांटे,पटाखें फोड़े और इन दोनों का विवाह कस्बे के एक मंदिर में धूमधाम से कराया।
