प्रयागराज से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दो नाबालिगों से कथित यौन शोषण के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के आदेश के बाद की गई। पुलिस ने झूंसी थाने में पोक्सो एक्ट की धारा 5/6 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायत स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दी गई थी। आरोप है कि दो नाबालिग पीड़ितों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ। प्रारंभिक स्तर पर थाने में रिपोर्ट दर्ज न होने के बाद मामला अदालत में पहुंचा।
एडीजे (रेप एवं पॉक्सो) विशेष न्यायालय ने 21 फरवरी को सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर में मुकुंदानंद ब्रह्मचारी का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच निष्पक्ष और विधिसम्मत तरीके से की जाएगी। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
यह मामला धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगी।
