- दिव्यांग बंदियों के राज्यस्तरीय संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम
नया लुक संवाददाता
लखनऊ। प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लागू करना अत्यंत आवश्यक है। सभी जेलों में दिव्यांग बंदियों की पहचान, उनकी आवश्यकताओं का रिकॉर्ड, उचित सुविधाएं तथा भेदभाव रहित व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। यह बात महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना ने दिव्यांग बंदियों के राज्यस्तरीय संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि सभी कारागार अधिकारी इस विषय को प्राथमिकता देते हुए मानवीय एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं।
दिव्यांग बंदियों के अधिकारों, आवश्यकताओं एवं उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक पी.एन. पाण्डेय, सुभाष शाक्य, प्रदीप गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त कारागारों से वरिष्ठ अधीक्षक, अधीक्षक, जेलर एवं डिप्टी जेलर सहित सभी जेल अधिकारी कार्यक्रम से जुड़े। प्रशिक्षण का संचालन डॉ. कौशल शर्मा, डीन, फैकल्टी ऑफ स्पेशल एजुकेशन, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि दिव्यांग बंदियों को समानता, गरिमा और आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना जेल प्रशासन की कानूनी एवं मानवीय जिम्मेदारी है। इसके लिए जेलों में सुगम वातावरण, आवश्यक चिकित्सा सुविधा, सहायक उपकरण, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना आवश्यक है।
