असम में कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन के तौर पर पहुंचीं प्रियंका गांधी ने कहा कि नेताओं को जनता के मुद्दों पर बात रकनी चाहिए, न कि ध्रुवीकरण की राजनीति करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “चुनाव के समय दो तरह के नेता सामने आते हैं—एक वे जो जनता के सामने अपनी योजनाएं और विज़न रखते हैं, और दूसरे वे जो समाज को बांटने की कोशिश करते हैं। हमारी राजनीति कभी भी विभाजन की नहीं रही है।”
इस दौरान उन्होंने असम के लोकप्रिय गायक ज़ुबीन गर्ग के निधन का भी उल्लेख किया। प्रियंका गांधी ने कहा कि ज़ुबीन गर्ग केवल एक कलाकार नहीं थे, बल्कि असम की आत्मा की आवाज़ थे। उनके गीतों में प्रेम, एकता और असम की अस्मिता झलकती थी। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील विषयों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
प्रियंका गांधी ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई और उनके परिवार पर हो रहे कथित हमलों को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत हमलों से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता, बल्कि राजनीति का स्तर गिरता है।
उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस की लड़ाई असम की संस्कृति, सभ्यता और भाईचारे को बचाने की है। प्रियंका गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
