नई दिल्ली में नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों की घोषणा की। यह परिसर अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय का नया कार्यस्थल होगा। रायसीना हिल स्थित पुरानी साउथ ब्लॉक इमारत से PMO का यहां स्थानांतरण ऐतिहासिक मौके पर हुआ, जब नई दिल्ली को आधुनिक राजधानी घोषित किए जाने के 95 वर्ष पूरे हुए।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने नए कार्यालय में भगवान गणेश की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और इसके बाद किसानों, महिलाओं, युवाओं और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े चार अहम प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में लिए गए इन फैसलों को सरकार ने समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
1. दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज
प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत अब सड़क दुर्घटना या अन्य गंभीर हादसों के पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि आपात स्थिति में आर्थिक कारणों से इलाज में देरी न हो। इस योजना से देशभर में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
2. ‘लखपति दीदी’ अभियान का नया लक्ष्य
महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही ‘लखपति दीदी’ पहल ने मार्च 2027 की समयसीमा से पहले ही 3 करोड़ महिलाओं को वार्षिक आय के उस स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य पार कर लिया है। अब प्रधानमंत्री ने मार्च 2029 तक 6 करोड़ ‘लखपति दीदियों’ का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और आय बढ़ाना है।
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3. कृषि अवसंरचना निधि दोगुनी
किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कृषि अवसंरचना निधि को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस कदम से भंडारण, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण इकाइयों और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
4. स्टार्टअप इंडिया FOF 2.0 को मंजूरी
देश के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को मंजूरी दी गई है। यह कोष विशेष रूप से डीप टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और उभरती प्रौद्योगिकियों में काम करने वाले स्टार्टअप्स को सहयोग देगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
‘सेवा तीर्थ’ नाम का संदेश
नए परिसर को ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया गया है, जिसकी दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ अंकित है। यह नामकरण प्रशासनिक ढांचे को जनसेवा के केंद्र में रखने का प्रतीक बताया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने औपनिवेशिक विरासत से जुड़े कई नामों में बदलाव किए हैं, जिनमें राजपथ का नाम ‘कर्तव्य पथ’ और रेस कोर्स रोड का नाम ‘लोक कल्याण मार्ग’ शामिल है।
कुल मिलाकर, ‘सेवा तीर्थ’ से की गई यह शुरुआत सरकार के लिए प्रतीकात्मक और नीतिगत दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
